ठेकेदार–विभाग की मिलीभगत से ‘कम्प्यूटर-लाइब्रेरी भवन’ बना भ्रष्टाचार का अड्डा! सूचना पटल गायब, घटिया निर्माण के आरोप
बिछुआ में लाखों के निर्माण पर सवाल — अधूरा काम, निगरानी शून्य, जिम्मेदार मौन
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)।
जिले के बिछुआ विकासखंड में शासकीय निर्माण कार्यों की हकीकत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-2 के अंतर्गत पीएम श्री शासकीय एकीकृत कन्या माध्यमिक शाला बिछुआ में बन रहे कम्प्यूटर एवं लाइब्रेरी भवन में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
निर्माण स्थल पर सबसे गंभीर लापरवाही यह है कि अनिवार्य सूचना पटल (सूचना बोर्ड) पूरी तरह गायब है। नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी निर्माण कार्य के पहले वहां लागत, कार्य अवधि, ठेकेदार का नाम और विभागीय जानकारी दर्शाना अनिवार्य होता है, ताकि आमजन निगरानी कर सकें। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा।

गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना पटल न होने से घटिया सामग्री के उपयोग की आशंका बढ़ गई है। निर्माण कार्य की पारदर्शिता पूरी तरह संदिग्ध है। आधा-अधूरा काम, कमजोर ढांचा और बिना मानकों के निर्माण ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निर्माण ठप, जिम्मेदार कौन?
स्थिति यह है कि भवन का निर्माण कार्य बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया है। सूचना बोर्ड पर दर्ज तिथियां कुछ और कहानी बता रही हैं, जबकि जमीन पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
ठेकेदार मनमर्जी से काम शुरू कर गायब हो गया
विभागीय अधिकारी निरीक्षण तक नहीं कर रहे
काम की प्रगति की कोई समीक्षा नहीं हो रही
क्या भुगतान पहले हो गया?
गांव में चर्चा है कि कहीं भुगतान पहले कर दिया गया और इसी वजह से काम अधर में लटक गया। अगर ऐसा है, तो यह सीधे-सीधे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बनता है।
विभाग बेबस या मिलीभगत?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के जिम्मेदार अधिकारी आखिर चुप क्यों हैं?
क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर ठेकेदार और विभाग की मिलीभगत से काम को जानबूझकर रोका गया है?
सरकारी धन की खुली बर्बादी
लाखों रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन आज भी अधूरा है। इससे न सिर्फ छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि यह जनता के टैक्स के पैसों की खुली बर्बादी भी है।
अब कार्रवाई या फिर लीपापोती?
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।







