छात्रावास निर्माण में बड़ा घोटाला!
दो साल से अधूरा भवन, घटिया निर्माण से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा..!
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)।
खमरा के शासकीय बालक माध्यमिक विद्यालय परिसर में बन रहे सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास भवन में भारी भ्रष्टाचार और लापरवाही का मामला सामने आया है। करोड़ों की लागत से बन रहा यह भवन पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जबकि निर्माण में खुलेआम गुणवत्ता के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

मौके पर देखने पर साफ नजर आता है कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। दीवारों में दरारें, कमजोर कॉलम और अधूरी छत यह साबित कर रहे हैं कि निर्माण कार्य सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गया है। ऐसे में यह भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे निर्माण कार्य के दौरान विभाग के जिम्मेदार इंजीनियरों ने शायद ही कभी स्थल निरीक्षण किया हो। निरीक्षण के अभाव में ठेकेदार मनमानी पर उतारू है और नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
मिलीभगत का खेल!
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों की मिलीभगत से यह पूरा खेल चल रहा है। कागजों में निर्माण कार्य प्रगति पर दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
⏳ छात्रों का भविष्य अधर में
छात्रावास भवन अधूरा होने के कारण आदिवासी छात्रों को रहने की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शासन की योजनाएं कागजों तक सिमट कर रह गई हैं।
❗ प्रशासन कब लेगा संज्ञान?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
📢 ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी ठेकेदार और इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से जल्द पूरा कराया जाए।
रिपोर्ट -ठा. रामकुमार राजपूत
(पंचायत दिशा समाचार)







