लाखों खर्च, फिर भी घटिया निर्माण! पेंच टाइगर रिजर्व की फॉरेस्ट कॉलोनी में भ्रष्टाचार का खेल उजागर
कुंभपानी-खमारपानी वन परिक्षेत्र में बन रहे सरकारी क्वार्टरों पर सवाल, ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
सिवनी/छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)।
पेंच टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कुंभपानी-खमारपानी वन परिक्षेत्र में बन रही फॉरेस्ट कॉलोनी के सरकारी क्वार्टरों में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। लाखों रुपए की लागत से तैयार किए जा रहे इन आवासों में गुणवत्ता की अनदेखी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
बिछुआ विकासखंड स्थित फॉरेस्ट कॉलोनी में वन कर्मचारियों के लिए बनाए जा रहे क्वार्टरों के निर्माण में ठेकेदार द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का खुलकर इस्तेमाल हो रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटें निम्न स्तर की हैं, वहीं रेत और सीमेंट भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि कई पिलर तिरछे और झुके हुए नजर आ रहे हैं, जो किसी बड़े हादसे का संकेत दे रहे हैं।
नहीं लगा सूचना बोर्ड, नियमों की खुली अवहेलना
सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता के लिए निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें लागत, ठेकेदार, एजेंसी और समयसीमा जैसी जानकारी दर्ज होती है। लेकिन यहां निर्माण स्थल पर ऐसा कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिससे ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर और भी संदेह गहरा गया है।

अधिकारी बने तमाशबीन, सांठगांठ के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि विभागीय अधिकारी न तो नियमित निरीक्षण कर रहे हैं और न ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों ने ठेकेदार और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होने के आरोप भी लगाए हैं।
जनप्रतिनिधियों तक पहुंची शिकायत
मामले की शिकायत जनप्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन तक पहुंच चुकी है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच की उठी मांग, बढ़ा आक्रोश
ग्रामवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो यह सरकारी धन की खुली बर्बादी और भविष्य में गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।







