PWD के मुख्य अभियंता का जाति प्रमाणपत्र संदेह के घेरे में, 2 मार्च को होगा बड़ा फैसला!
पांढुर्णा,(पंचायत दिशा समाचार ) मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता संजय मस्के का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र गंभीर जांच के घेरे में आ गया है। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने उन्हें 2 मार्च 2026 को मंत्रालय (वल्लभ भवन) में पेश होने का नोटिस जारी किया है। मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है और अब इस प्रकरण को एक बड़े जाति प्रमाणपत्र विवाद के रूप में देखा जा रहा है।
आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार मुख्य अभियंता को यह साबित करना होगा कि वे वर्ष 1950 की स्थिति में पांढुर्णा के मूल निवासी तथा ‘चमार’ अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं। इसके लिए उन्हें मूल दस्तावेज और पुख्ता प्रमाण समिति के सामने पेश करने होंगे।
सबसे खास बात यह है कि प्रशासन ने इस मामले को असाधारण गंभीरता से लेते हुए पांढुर्णा में मुनादी (डोंडी) पिटवाकर सार्वजनिक सूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति या संस्था को मुख्य अभियंता के जाति दावे पर आपत्ति है तो वे भी समिति के सामने साक्ष्य पेश कर सकते हैं।
इस मामले में शिकायतकर्ता पी.आर.के. शर्मा को भी दस्तावेजों सहित उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि यदि जाति प्रमाणपत्र अमान्य पाया गया तो यह मामला उच्च पद पर बैठे अधिकारी के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन सकता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी का जाति प्रमाणपत्र जांच के घेरे में आना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। अब 2 मार्च की सुनवाई तय करेगी कि मुख्य अभियंता का प्रमाणपत्र सही है या विवादित।







