Home CITY NEWS आदिवासी छात्रावासों में अब भोजन की होगी नियमित जांच..

आदिवासी छात्रावासों में अब भोजन की होगी नियमित जांच..

आदिवासी छात्रावासों में अब भोजन की होगी नियमित जांच

मध्यान्ह भोजन से लेकर छात्रावासों की रसोई तक परखी जाएगी गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा

छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर अब नियमित जांच की जाएगी। कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने संबंधित अधिकारियों को शासकीय एवं अशासकीय छात्रावासों के साथ विशेष रूप से आदिवासी छात्रावासों में विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए केवल भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री के रख-रखाव, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, रसोईघर की स्वच्छता और भोजन परोसने की व्यवस्था का भी परीक्षण किया जाए।

निर्देशों के तहत विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ खाद्य सामग्री के भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

अब सवाल—क्या नियमित होगी जांच?

कलेक्टर के निर्देश के बाद जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों में भोजन व्यवस्था की निगरानी को लेकर जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों पर बढ़ गई है। खासतौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच कितनी नियमितता से होती है और जांच में सामने आने वाली कमियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस विषय में नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।