जुन्नारदेव बीआरसी पर गंभीर आरोपों का पुलिंदा, जनपद पंचायत की शिक्षा समिति ने हटाने की मांग
टूटी टाइल्स, गंदे शौचालय से लेकर कथित अवैध वसूली तक के आरोप; शिक्षा व्यवस्था चौपट होने का दावा, कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
छिंदवाड़ा/ जुनारदेव। जनपद पंचायत जुन्नारदेव की स्थायी शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष गोवर्धन चुधवंशी द्वारा 19 सितंबर 2026 को जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए पत्र ने विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था और बीआरसी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में बीआरसी श्री अरविंद डहरिया पर लापरवाही एवं कथित अनियमितताओं के कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की मांग की गई है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि बीआरसी कार्यालय की व्यवस्थाएं बदहाल हैं। कार्यालय परिसर में टाइल्स टूट चुकी हैं, शौचालय गंदे और बदबूदार हैं तथा नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत की गई है। पानी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि कंटीजेंसी एवं मरम्मत राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया।

जनपद उपाध्यक्ष जुन्नारदेव ने भी लगाया आरोप..
मुख्यालय में निवास नहीं करने का आरोप
शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि बीआरसी अरविंद डहरिया छिंदवाड़ा में निवास करते हैं और मुख्यालय में नहीं रहते। पत्र के अनुसार महीने में कुछ ही दिनों के लिए कार्यालय आने तथा संपर्क करने पर छिंदवाड़ा में कार्य होने का हवाला देने की बात कही गई है। समिति ने इस संबंध में भी जांच की मांग की है।
मध्याह्न भोजन की राशि में भी कथित कटौती का आरोप
पत्र में विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के बर्तन क्रय के लिए आवंटित राशि में से 10 से 15 प्रतिशत तक राशि की कथित वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है। कुछ विद्यालयों में बर्तन क्रय नहीं होने के बावजूद राशि निकाले जाने का भी दावा पत्र में किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच होने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मान्यता के नाम पर वसूली का भी आरोप
समिति के पत्र में अशासकीय विद्यालयों से मान्यता के नाम पर हर वर्ष कथित रूप से राशि वसूले जाने का आरोप भी लगाया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि खेल मैदान एवं अन्य कमियों के बावजूद कथित रूप से राशि लेकर प्रस्ताव पास किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
जनशिक्षकों के माध्यम से कथित अवैध वसूली का आरोप
सबसे गंभीर आरोपों में से एक में कहा गया है कि जनशिक्षकों के माध्यम से विद्यालयों से वसूली तथा कुछ विद्यालयों से मॉनिटरिंग के नाम पर अनुपस्थित पंचनामा बनाकर कथित अवैध वसूली की शिकायतें मिली हैं। पत्र के अनुसार कुछ शिक्षकों ने इसकी जानकारी समिति के पदाधिकारी को दी है।
स्थानांतरण के बाद भी कथित वसूली का आरोप
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि छिंदवाड़ा से स्थानांतरण होकर जुनारदेव स्टेशन पर पहुंचने वाले कुछ शिक्षक, जो पूर्व में विद्यालय छोड़कर जा चुके हैं, उनसे कथित रूप से अवैध वसूली का गोरखधंधा चलाए जाने की शिकायत है।
स्व-सहायता समूहों के पुनः रजिस्ट्रेशन पर भी सवाल
मध्याह्न भोजन से जुड़े स्व-सहायता समूहों का इन दिनों पुनः रजिस्ट्रेशन किए जाने का उल्लेख करते हुए पत्र में आरोप लगाया गया है कि प्रत्येक समूह से कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी भेजा गया था पत्र, सुधार नहीं होने का दावा
शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि इससे पहले भी 16 दिसंबर 2024 को पत्र क्रमांक 113/जे.पी./जुनारदेव के माध्यम से बीआरसी की कार्यप्रणाली और लापरवाही से अधिकारियों को अवगत कराया गया था। पत्र के अनुसार कार्यप्रणाली में सुधार की समझाइश दिए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अब शिक्षा समिति ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर बीआरसी अरविंद डहरिया को तत्काल हटाने की कार्रवाई करने का आग्रह किया है, ताकि विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
बड़ा सवाल: यदि पत्र में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक क्या कार्रवाई हुई? वहीं यदि आरोप तथ्यहीन हैं तो संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करते? शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन आरोपों पर विभागीय जांच और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना जरूरी है।
नोट: पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के स्तर पर नहीं हुई है। संबंधित बीआरसी/विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








