आयुष विभाग की कथित अनदेखी से ग्रामीण परेशान, शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय गुमतरा में लटका रहता है ताला…
डॉक्टर और चार कर्मचारियों की पदस्थापना के बावजूद ग्रामीणों को नहीं मिल रही नियमित चिकित्सा सुविधा, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप..
छिंदवाड़ा/बिछुआ। जिले के बिछुआ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुमतरा में संचालित शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि औषधालय में चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारियों की पदस्थापना होने के बावजूद कई बार निर्धारित समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पातीं और औषधालय बंद मिलता है।
ग्रामीणों एंव सूत्रों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय गुमतरा में ताला लटका रहता है । जबकि औषधालय के संचालन का निर्धारित समय सोमवार से शनिवार तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बताया जाता है।

आसपास के सैकड़ों ग्रामीण हैं आश्रित
ग्राम पंचायत गुमतरा एवं आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों ग्रामीण आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा के लिए इस औषधालय पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार के लिए यहां से सुविधा मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन औषधालय के नियमित रूप से संचालित नहीं होने की शिकायतों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, औषधालय में चिकित्सक के अलावा लगभग चार अन्य नियमित चिकित्साकर्मियों की पदस्थापना है। इसके बावजूद औषधालय के बंद मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से औषधालय के संचालन और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच कराने की मांग की है।
खेती-किसानी के मौसम में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी के दौरान मजदूरी एवं कृषि कार्य करने वाले लोगों को अक्सर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यदि शासकीय स्वास्थ्य संस्थान निर्धारित समय पर संचालित नहीं हो, तो ग्रामीणों को इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी समय का नियमित पालन सुनिश्चित नहीं होने के कारण लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप..
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि औषधालय की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। ग्रामीणों ने आयुष विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से औषधालय की नियमित जांच कराने तथा कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।
निजी प्रैक्टिस और सरकारी दवाओं को लेकर भी लगाए आरोप
कुछ ग्रामीणों ने औषधालय में पदस्थ चिकित्सक एवं कर्मचारियों पर निजी चिकित्सा कार्य में अधिक समय देने के आरोप भी लगाए हैं। वहीं, सरकारी औषधियों के कथित दुरुपयोग को लेकर भी ग्रामीणों द्वारा शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि आयुष विभाग एवं जिला प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विभाग का पक्ष
इस संबंध में आयुष विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों एवं औषधालय में पदस्थ चिकित्सक/कर्मचारियों का पक्ष प्राप्त किया जाना शेष है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








