कलेक्टर ने जारी किया आदेश: हर मंगलवार गांव से अनुभाग तक होगी जनसुनवाई, जनप्रतिनिधि भी होंगे मौजूद
सिवनी। जिले में आम नागरिकों की शिकायतों, समस्याओं और मांगों के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण के लिए कलेक्टर ने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब हर मंगलवार ग्राम पंचायत स्तर से लेकर अनुभाग स्तर तक जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं आना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों की सुनवाई कर उनके निराकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुबह 11 बजे होगी ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई
आदेश के अनुसार प्रत्येक मंगलवार सुबह 11 बजे से जनसुनवाई समाप्त होने तक राजस्व, पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सहित संबंधित कर्मचारी ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। ग्रामीणों की समस्याओं एवं आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा एसडीएम द्वारा तैयार रोस्टर के अनुसार पटवारी, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक भी जनसुनवाई में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
अनुभाग स्तर तक पहुंचेगी जनसुनवाई
जिन गांवों में दो तहसीलें हैं, वहां एसडीएम एक सप्ताह एक तहसील और अगले सप्ताह दूसरी तहसील में जनसुनवाई आयोजित करेंगे। जनसुनवाई में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, विद्युत वितरण कंपनी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। समय-सीमा में शिकायत का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को जवाबदेही तय करने की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
हर शनिवार होगी समीक्षा
जनसुनवाई के बाद लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के लिए प्रत्येक शनिवार को एसडीएम स्तर पर विभागवार समीक्षा की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी प्रत्यक्ष अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा में शामिल होंगे।
वहीं जिला स्तर पर आयोजित होने वाली जनसुनवाई का प्रतिवेदन समय-सीमा बैठकों में प्रस्तुत किया जाएगा। अनुभाग स्तर पर आयोजित जनसुनवाई की समीक्षा भी नियमित रूप से की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के नए आदेश के बाद गांव-गांव में होने वाली जनसुनवाई आम नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान करती है या फिर यह व्यवस्था भी केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।








