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संकट की घड़ी में पूरी सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

संकट की घड़ी में पूरी सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का पैदल निरीक्षण, राहत शिविर पहुंचकर पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री
अधिकारियों को तीन दिन चित्रकूट में रुककर राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश

विशेष रिपोर्ट रामकुमार राजपूत

चित्रकूट, लगातार बारिश के चलते चित्रकूट में सेमरावल और मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर से बनी बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चित्रकूट पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर नुकसान का जायजा लिया और राहत शिविर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में पूरी सरकार उनके साथ खड़ी है और बाढ़ से हुए नुकसान की नियमानुसार भरपाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने प्राचीन मुखारविंद के समीप बनाए गए राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावितों का हाल जाना। उन्होंने प्रभावित परिवारों को वस्त्र, घरेलू सामग्री और खाद्यान्न सहित राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
कीचड़ भरे रास्ते में पैदल पहुंचे प्रभावितों के घर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट के रामधाम मोहल्ले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पैदल भ्रमण किया। कीचड़ से सने रास्तों से होते हुए वे प्रभावित परिवारों के घर पहुंचे और जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने श्री रामफल गर्ग और श्री किस्मत कुमार गर्ग के घर पहुंचकर परिवारों से चर्चा की तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सतना-चित्रकूट मार्ग पर माधव धर्मशाला के समीप अग्रहरि किराना स्टोर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने दुकानदार कामता प्रसाद गुप्ता से मुलाकात की और दुकान में पानी भरने से हुए नुकसान का जायजा लिया।
तीन दिन चित्रकूट में रहेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चित्रकूट में जनजीवन सामान्य होने तक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी यहीं रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक जरूरी सहायता पहुंचना चाहिए। नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावितों को नियमानुसार राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य किसी प्रकार का नुकसान हुआ है, उसका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।
अब तक जनहानि नहीं, राहत-बचाव कार्य जारी
मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने बताया कि लगातार अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर बढ़ने से चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बनी। कई घरों में पानी भरने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन की मुस्तैदी के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और प्रभावितों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने शनिवार रात रीवा में रुककर सतना और रीवा जिले में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की थी। मौसम पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पहले से अलर्ट था, जिसके कारण राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सका।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश: जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित रूप से उनके घरों तक पहुंचाने और बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित आकलन कर पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।