जंगली सूअरों का आतंक, खेतों में तबाही से किसान बेहाल
अजनिया क्षेत्र में मक्का और मूंगफली की फसल को भारी नुकसान, दिन-रात खेतों की रखवाली को मजबूर किसान
छिंदवाड़ा। शहर के वार्ड क्रमांक 16 महात्मा गांधी वार्ड अंतर्गत अजनिया क्षेत्र में इन दिनों जंगली सूअरों के झुंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रात के अंधेरे में खेतों में घुस रहे जंगली सूअर मक्का और मूंगफली की फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल तैयार होने से पहले ही हो रहे नुकसान ने किसानों की महीनों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया है।
किसानों के अनुसार पिछले करीब 8 से 10 दिनों से जंगली सूअरों का आतंक लगातार बना हुआ है। हालात यह हैं कि किसान दिन-रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद झुंड के रूप में पहुंच रहे जंगली सूअर खेतों में घुसकर फसलों को रौंदने और नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आ रहे।
भुट्टे आने से पहले मक्का तबाह..
अजनिया निवासी किसान पुरुषोत्तम यदुवंशी ने बताया कि उनके खेत में लगी मक्का की फसल को जंगली सूअरों ने काफी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि मक्का की फसल अभी पूरी तरह तैयार भी नहीं हुई है और भुट्टे भी पूरी तरह नहीं आए हैं। इसके बावजूद लगातार खेत में पहुंच रहे जंगली सूअरों ने फसल को बर्बाद करना शुरू कर दिया है।
किसान का कहना है कि खेती में बीज, खाद, दवा, सिंचाई और मेहनत पर काफी खर्च हो चुका है। ऐसे समय में फसल को नुकसान पहुंचने से आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
पुरुषोत्तम यदुवंशी किसान
मूंगफली की फसल भी चपेट में
अजनिया क्षेत्र के ही किसान अजय चौधरी के खेत में लगी मूंगफली की फसल को भी जंगली सूअरों द्वारा नुकसान पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ रही इस समस्या से क्षेत्र के अन्य किसान भी चिंतित हैं। किसानों को आशंका है कि यदि जंगली सूअरों के झुंड पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।
नरेंद्र परमार नाकेदार
विभाग को दी सूचना, निरीक्षण का इंतजार
किसानों ने मामले की सूचना राजस्व एवं वन विभाग को फोन के माध्यम से दी है। वन विभाग के अधिकारी के अनुसार किसान पुरुषोत्तम यदुवंशी का फोन उनके पास आया था। रक्षाबंधन अवकाश के चलते तत्काल मौके पर निरीक्षण नहीं हो सका। अधिकारी ने बताया कि अगले दिन राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर खेत का निरीक्षण किया जाएगा।
किसानों ने सर्वे और मुआवजे की उठाई मांग
जंगली सूअरों से फसल को हो रहे नुकसान के बीच किसानों ने शासन-प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने से पहले यदि इसी तरह नुकसान जारी रहा तो उनकी पूरी मेहनत और लागत प्रभावित हो सकती है।
अब देखना यह है कि विभागीय टीम के निरीक्षण के बाद फसल नुकसान का कितना आकलन सामने आता है और किसानों को राहत के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।








