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ई-विकास 2.0 से किसानों को मिलेगी खाद,आज से पुन: ई-विकास प्रणाली लागू, ई- विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से किया जाएगा उर्वरकों का वितरण

ई-विकास 2.0 से किसानों को मिलेगी खाद

आज से पुन: ई-विकास प्रणाली लागू, ई- विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से किया जाएगा उर्वरकों का वितरण

छिन्‍दवाड़ा/ किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा उर्वरक वितरण व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 लागू की गई है। राज्य शासन द्वारा गठित समिति के सुझावों के आधार पर विकसित इस नई व्यवस्था में किसानों को इच्छानुसार उर्वरक, इच्छानुसार विक्रेता से तथा सुविधानुसार समय पर प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

  विभाग द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुसार प्रदेश के विपणन संघ के डबल लॉक केन्द्रों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, एमपी एग्रो वितरण केन्द्रों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं पर ई-विकास प्रणाली 2.0 के माध्यम से उर्वरक विक्रय सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यवस्था सभी प्रकार के निजी एवं सहकारी रिटेल विक्रेताओं पर समान रूप से लागू होगी।

  ई-विकास 2.0 की प्रमुख विशेषताओं में किसानों को किसी भी प्रकार का उर्वरक बिना किसी बाध्यता के खरीदने की सुविधा, आईसीएआर की अनुशंसा अनुसार अथवा उससे अधिक उर्वरक क्रय करने की व्यवस्था तथा अतिरिक्त उर्वरक हेतु कारण चयन के लिए सरल ड्रॉपडाउन विकल्प शामिल हैं। मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर आवश्यकता अनुसार प्रतिदिन 300 से अधिक टोकन जारी किए जा सकेंगे तथा उर्वरक की गणना प्रति हेक्टेयर बैग के आधार पर की जाएगी।

  नई प्रणाली में किसान टोकन जारी होने के 24 घंटे बाद उसे निरस्त भी कर सकेंगे। फसल खराब होने की स्थिति में पुनः उर्वरक प्राप्त करने के लिए एक्सेप्शनल हैंडलिंग की सुविधा प्रदान की गई है, जिसका अनुमोदन तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।

  किसानों की सुविधा के लिए ई-विकास हेल्पलाइन नंबर 7880223344 जारी किया गया है, जहां शासकीय कार्य दिवसों में प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही, व्हाट्सएप बॉट के माध्यम से टोकन, उर्वरक उपलब्धता, रिटेलर एवं उठाव तिथि की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा भी शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।

  राज्य शासन द्वारा 20 अगस्त 2026 से सभी किसानों की फार्मर आईडी निर्माण, अग्रिम उर्वरक उठाव तथा पैक्स सदस्यता के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

  प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। 1 अप्रैल से अब तक 17.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध रहा, जिसमें से 13.18 लाख मीट्रिक टन का उठाव किसानों द्वारा किया जा चुका है तथा वर्तमान में 4.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। इसी प्रकार डीएपी एवं एनपीके की वर्तमान उपलब्धता 4.20 लाख मीट्रिक टन तथा एसएसपी की उपलब्धता 3.17 लाख मीट्रिक टन है।