कान्या शिक्षा परिसर में मचा घमासान, अधीक्षिका के प्रभार को लेकर छात्राओं के इस्तेमाल का आरोप
दो अधीक्षिकाओं के बीच विवाद में नाबालिग छात्राएं बनीं मोहरा? संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की
छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय स्थित जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित आदिवासी कान्या आश्रम हिंदी माध्यम में पिछले दो दिनों से अधीक्षक के प्रभार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या दो अधीक्षिकाओं के बीच चल रहे विवाद में आश्रम की नाबालिग छात्राओं का इस्तेमाल किया जा रहा है?
जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त को आश्रम की कुछ छात्राओं द्वारा पुलिस चौकी में अधीक्षिका के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात सामने आई। छात्राओं की ओर से प्रताड़ना के आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वहीं संबंधित अधीक्षिका ने इन आरोपों को गलत बताते हुए पूरे मामले को प्रभार और पद को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा है।
शिक्षिका ने कहा—मेरा तबादला पहले ही हो चुका था
इस मामले में शिक्षिका रजनी उईके का कहना है कि करीब एक वर्ष पहले ही उनका स्थानांतरण आदिवासी बालक आश्रम में शिक्षिका के रूप में हो गया था। ऐसे में छात्राओं को प्रताड़ित करने का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना है कि जून माह में उनका स्थानांतरण आदिवासी कान्या आश्रम हिंदी माध्यम में अधीक्षिका के पद पर हुआ है।
रजनी उईके के अनुसार, वर्तमान विवाद पुरानी अधीक्षिका और उनके बीच प्रभार को लेकर है और इसी विवाद के चलते छात्राओं के माध्यम से उनके खिलाफ ज्ञापन दिलवाया गया तथा उन पर गलत आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जे.बी.डी. ग्रुप इंडिया (गोंडवाना समाज हितैषी संगठन) इंडिया
संगठन ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर जे.बी.डी. ग्रुप इंडिया (गोंडवाना समाज हितैषी संगठन) ने 15 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने जिले के आदिवासी आश्रमों एवं छात्रावासों में छात्राओं से जुड़ी शिकायतों को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
संगठन का आरोप है कि छोटी नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर किसी शिक्षिका या अधीक्षिका के खिलाफ ज्ञापन दिलवाने की शिकायत सामने आई है। संगठन ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

जे.बी.डी. ग्रुप इंडिया (गोंडवाना समाज हितैषी संगठन) इंडिया
की प्रमुख मांगें
संगठन ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने, जांच प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए अधीक्षिका श्रीमती अनीता दहिया को तत्काल प्रभाव से हटाने एवं निलंबित करने, आश्रम में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

विभाग का पक्ष सामने नहीं आया
इस संबंध में सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग तथा आश्रम प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो वह आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।








