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जन विश्वास” के चक्कर में नौकरी गई!बिना अनुमति शिविर पहुंचे शिक्षक निलंबित, कलेक्टर का सख्त एक्शन..


जन विश्वास” के चक्कर में नौकरी गई!
बिना अनुमति शिविर पहुंचे शिक्षक निलंबित, कलेक्टर का सख्त एक्शन..

तामिया के शिक्षक ने छोड़ी ड्यूटी, लगाया ई-अटेंडेंस भी नहीं..

रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत

छिंदवाड़ा
सरकार के “जन विश्वास अभियान” में भाग लेना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। ड्यूटी छोड़कर बिना अनुमति शिविर में पहुंचने के आरोप में तामिया विकासखंड की शासकीय स्कूल के उच्च श्रेणी शिक्षक को कलेक्टर ने तत्काल निलंबित कर दिया है।

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

पूरा मामला क्या है?
14 अगस्त 2026 को एकीकृत उ.मा.वि. बिजोरीपठार में पदस्थ श्री राजेन्द्र परतेती स्कूल से गायब मिले। जांच में पता चला कि वे बिना किसी को सूचना दिए ग्राम छिन्दी में लगे “जन विश्वास अभियान 2026” के शिविर में पहुंच गए थे और वहां सीमांकन का आवेदन भी जमा किया।

सबसे बड़ी बात – उन्होंने उस दिन ई-अटेंडेंस भी नहीं लगाई। जब प्राचार्य और BEO तामिया से रिपोर्ट मांगी गई तो लापरवाही की पुष्टि हो गई।

कलेक्टर ने क्यों की कार्रवाई
कार्यालय कलेक्टर, जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा ने आदेश में लिखा कि शिक्षक का यह कृत्य “कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता” है। यह MP सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का सीधा उल्लंघन है।

इसी आधार पर MP सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(2) के तहत श्री परतेती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय BEO कार्यालय बिछुआ रहेगा।

विभाग में सख्ती का संदेश..
इस कार्रवाई को कलेक्टर द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए “सख्त संदेश” के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सरकारी कार्यक्रम में भाग लेना है तो पहले अनुमति लेना जरूरी है। ड्यूटी से मुंह मोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ड्यूटी छोड़ शिविर पहुंचे तो निलंबन का डंडा चला