जनजातीय छात्रावासों के बच्चों की बढ़ी शिष्यवृत्ति
बालकों को ₹1720 और बालिकाओं को ₹1770 प्रतिमाह, 1 जुलाई 2026 से लागू
रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रावास एवं आश्रम शालाओं में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य शासन ने वर्ष 2026-27 के लिए छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत बच्चों की शिष्यवृत्ति की दरों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है।
जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय, भोपाल द्वारा 29 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले बालकों को ₹1720 तथा बालिकाओं को ₹1770 प्रतिमाह शिष्यवृत्ति का भुगतान किया जाएगा। बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावशील होंगी।

महंगाई की क्षतिपूर्ति के आधार पर बढ़ी राशि
विभागीय आदेश में बताया गया है कि अनुसूचित जनजाति के छात्रावास एवं आश्रमों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की शिष्यवृत्ति दरों को प्रत्येक वर्ष मार्च माह के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत वर्ष 2026-27 के लिए नई दरें स्वीकृत की गई हैं।
इससे प्रदेशभर में जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में रहकर अध्ययन करने वाले हजारों आदिवासी विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
शासन के आदेश के बाद अब भुगतान पर नजर
शिष्यवृत्ति की नई दरें स्वीकृत होने के बाद अब छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को बढ़ी हुई राशि का भुगतान किया जाना है। ऐसे में विभागीय स्तर पर यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि शासन द्वारा स्वीकृत पूरी राशि पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे।
शासन का आदेश स्पष्ट है—बालकों के लिए ₹1720 और बालिकाओं के लिए ₹1770 प्रतिमाह की दर 1 जुलाई 2026 से लागू है।








