प्रभारी सीएमएचओ और उनके पुत्र पर फर्जी दस्तावेजों के उपयोग का आरोप, जांच और एफआईआर की मांग
शिकायत में सेवा अभिलेख से दस्तावेज जब्त कर जांच कराने तथा आपराधिक कार्रवाई की मांग
छिंदवाड़ा/ जिले के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नरेश गुनाहे एवं उनके पुत्र डॉ. जितेश गुनाहे के विरुद्ध कथित फर्जी दस्तावेजों के उपयोग को लेकर शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नियुक्ति एवं अन्य लाभों के दौरान प्रस्तुत किए गए जाति एवं ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रमाण पत्रों की वैधता की जांच कराई जाए तथा यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।

शिकायत के अनुसार डॉ. नरेश गुनाहे वर्तमान में छिंदवाड़ा जिले में प्रभारी सीएमएचओ के रूप में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनकी सेवा पुस्तिका एवं विभागीय अभिलेखों में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग का उल्लेख दर्ज है और उनकी नियुक्ति एवं पदोन्नति भी इसी वर्ग के अंतर्गत हुई है। वहीं उनके पुत्र के संबंध में भी ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित अधिकारियों के सेवा अभिलेखों में उपलब्ध दस्तावेजों को सुरक्षित रखकर उनकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

यदि जांच में कोई अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज कर विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से भी शिकायत पर जांच की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नोट: यह समाचार शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही होगी। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








