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लाखों की लागत से बनी नाकेदार बिल्डिंग में महीनों में दरारें!भीमालगोंदी सर्किल में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, छत गिरने का खतरा..!

लाखों की लागत से बनी नाकेदार बिल्डिंग में महीनों में दरारें!
भीमालगोंदी सर्किल में निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, छत गिरने का खतरा; तकनीकी जांच की मांग

सिल्लेवानी वन परिक्षेत्र में सरकारी भवन की हालत पर उठे सवाल

रिपोर्ट/रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। वन परिक्षेत्र सिल्लेवानी के अंतर्गत भीमालगोंदी सर्किल में नाकेदार के लिए बनाई गई नई सरकारी बिल्डिंग की हालत को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और वन कर्मचारियों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से निर्मित इस भवन की दीवारों में निर्माण के कुछ ही महीनों में लंबी एवं गहरी दरारें दिखाई देने लगी हैं। भवन के प्लास्टर के उखड़ने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ऐसे में भवन की मजबूती और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।


दीवारों में गहरी दरारें, प्लास्टर उखड़ने से चिंता
भीमालगोंदी सर्किल में नाकेदार के लिए बनाई गई नई बिल्डिंग की दीवारों में आई दरारें निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही हैं। सामने आई तस्वीरों में दीवार पर लंबी दरारें और कई स्थानों पर उखड़ा हुआ प्लास्टर दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन का निर्माण हाल ही में हुआ है, तो इतनी जल्दी इस प्रकार की स्थिति सामने आना गंभीर विषय है।
हालांकि, भवन की वास्तविक मजबूती, दरारों का कारण और निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी कमी है या नहीं, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


घटिया सामग्री के आरोप, जांच के बिना भुगतान हुआ या नहीं?
स्थानीय लोगों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि भवन निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। साथ ही, संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य का उचित निरीक्षण किए बिना भुगतान किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या भवन निर्माण के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया था? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई गई थी? क्या भुगतान से पहले भवन का निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण हुआ था? इन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक है।


कभी भी गिर सकती है छत? सुरक्षा को लेकर चिंता
भवन की दीवारों में आई गहरी दरारों और प्लास्टर उखड़ने से इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यदि भवन की संरचनात्मक स्थिति कमजोर पाई जाती है, तो वहां रहने वाले कर्मचारियों के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसलिए भवन की तकनीकी जांच होने तक सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की जा रही है।
डीएफओ से तत्काल तकनीकी जांच की मांग
वन कर्मचारियों ने छिंदवाड़ा डीएफओ से मांग की है कि भीमालगोंदी सर्किल की नाकेदार बिल्डिंग का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। भवन निर्माण में उपयोग की गई सामग्री, स्वीकृत लागत, निर्माण एजेंसी, गुणवत्ता परीक्षण, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं भुगतान प्रक्रिया की जांच कराई जाए।
यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता या निर्धारित मानकों की अनदेखी प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, भवन की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की स्थिति में सरकारी राशि के उपयोग की भी समीक्षा की जाए।
विभाग का पक्ष मिलने पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: भवन में दरारें दिखाई देने से मात्र भ्रष्टाचार प्रमाणित नहीं होता। निर्माण में अनियमितता, घटिया सामग्री के उपयोग अथवा भुगतान में लापरवाही के आरोपों की पुष्टि सक्षम तकनीकी जांच एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर ही हो सकेगी।