100 रुपये का बिल भरने वाला मजदूर… और मोबाइल पर पहुंच गया 11 लाख 44 हजार 680 रुपये का बिजली बिल!
मंडला जिले के ग्राम डूंडा में बैगा जनजाति के मजदूर रत्तेसिंह कन्हरिया के साथ जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। चार महीने पहले मीटर जल गया। शिकायत भी दर्ज हुई, लेकिन आरोप है कि विभाग ने नया मीटर नहीं लगाया। बिजली बंद रही, तो मजबूरी में डायरेक्ट कनेक्शन लिया और पकड़े जाने पर बिजली चोरी का मामला दर्ज हो गया।
लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी। मोबाइल पर आया 11 लाख 44 हजार 680 रुपये का बिजली बिल। जिस घर का बिल कभी 100 से 200 रुपये आता था, वह परिवार अब लाखों के बिल के कारण परेशान है।
अजीत चौहान कार्यपालन अभियंता मंडला
मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कार्यपालन अभियंता अजीत चौहान ने इसे विभागीय त्रुटि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक बिल बिजली चोरी की पेनाल्टी सहित 10 हजार 814 रुपये है। त्रुटि के चलते उपभोक्ता के पास गलत बिल चला गया जिसको सुधार दिया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल—अगर यह सिर्फ एक गलती थी, तो गरीब मजदूर परिवार को लाखों के बिल का सदमा देने की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या ऐसी लापरवाही पर किसी अधिकारी की जवाबदेही तय होगी?








