हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर छिंदवाड़ा में कांग्रेस का हल्लाबोल
आंबेडकर तिराहे पर जमकर नारेबाजी, संविधान और लोकतंत्र के अपमान का लगाया आरोप
एमपी/छिंदवाड़ा | रिपोर्ट—रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने के विवाद ने अब छिंदवाड़ा में भी राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने इस घटना के विरोध में आंबेडकर तिराहे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता आंबेडकर तिराहे पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर थे तथा उन्होंने “संविधान का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान”, “बाबा साहब का अपमान बंद करो” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए।
विश्वनाथ ओकटे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष छिंदवाड़ा
शुद्धिकरण को बताया सामाजिक समरसता के खिलाफ
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसी राष्ट्रीय नेता की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित शुद्धिकरण किया जाना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि संविधान की भावना और सामाजिक समरसता पर सवाल खड़ा करने वाली मानसिकता को दर्शाता है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि हल्द्वानी की घटना बेहद निंदनीय है। उनके मुताबिक, ऐसी मानसिकता संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस इस तरह की सोच का विरोध करती है और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती है।
“यह सिर्फ खड़गे जी का नहीं, संविधान का अपमान”
ओकटे ने कहा कि हल्द्वानी में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित रूप से शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे केवल एक व्यक्ति से जुड़ा मामला नहीं मानती, बल्कि इसे संविधान और लोकतंत्र के सम्मान से जोड़कर देखती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक भाईचारे को कमजोर करने वाली किसी भी मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर मामले में उचित जांच और कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।








