DMO की कार्रवाई में दो समूहों से पूछताछ, 5 संदिग्ध टोकन मिले; 250 बोरी खाद उठाने की आशंका, जांच तेज
छिंदवाड़ा/चौरई। खरीफ सीजन के दौरान किसानों के लिए उपलब्ध कराई जा रही उर्वरक वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। जिला विपणन अधिकारी (DMO) द्वारा की गई कार्रवाई में दो अलग-अलग समूहों से जुड़े लोगों को पूछताछ के लिए रोका गया। अधिकारियों के अनुसार, उनके पास से 5 संदिग्ध (कथित फर्जी) उर्वरक टोकन मिले हैं, जिनके माध्यम से लगभग 250 बोरी खाद प्राप्त करने की तैयारी होने की आशंका व्यक्त की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की गई। प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई कि चांद क्षेत्र के एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से प्रति टोकन ₹1,000 लेकर ये टोकन उपलब्ध कराए गए थे। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा कृषि विभाग
कृषि विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि संदिग्ध टोकन किसने तैयार किए, उनका उपयोग किस प्रकार किया जाना था तथा इस प्रकरण में अन्य किन लोगों की भूमिका हो सकती है। विभाग का कहना है कि जांच में जिस किसी की भी संलिप्तता प्रमाणित होगी, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां इस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि मामला केवल इन टोकनों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि, बड़ी मात्रा में खाद की कथित हेराफेरी अथवा किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता संबंधी दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उठ रहे कई अहम सवाल
इस घटनाक्रम के बाद कई सवाल चर्चा में हैं—
किसानों के लिए आवंटित खाद कथित रूप से गलत हाथों तक पहुंचने की स्थिति कैसे बनी?
संदिग्ध टोकन किसने तैयार किए और उनका उपयोग किस स्तर पर होना था?
क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति या तंत्र की भी भूमिका रही?
क्या जांच इस कथित नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार तक पहुंच पाएगी?
इन सभी सवालों के जवाब विभागीय जांच पूरी होने और सक्षम अधिकारियों की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
SDM से संपर्क का प्रयास
मामले पर प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह समाचार प्रारंभिक जांच, अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी एवं स्थानीय स्रोतों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका या दोष का अंतिम निर्धारण सक्षम जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा।)








