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स्टोन क्रेशर हादसे के बाद ‘राजीनामा’ का आरोप: मजदूर की मौत के बाद समझौते के दस्तावेज़ ने खड़े किए कई सवाल..

स्टोन क्रेशर हादसे के बाद ‘राजीनामा’ का आरोप: मजदूर की मौत के बाद समझौते के दस्तावेज़ ने खड़े किए कई सवाल
तामिया (छिंदवाड़ा)। तामिया थाना क्षेत्र के ग्राम पांडूपिपरिया स्थित एक स्टोन क्रेशर में मजदूर शेखलाल धुर्वे (पिता- भुवनलाल धुर्वे) की मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। हादसे के बाद एक कथित राजीनामा (समझौता) पत्र सामने आया है, जिसमें मृतक के परिजनों और क्रेशर संचालक के बीच आर्थिक समझौते का उल्लेख होने का दावा किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के बाद क्षेत्रीय आदिवासी समाज ने आरोप लगाया है कि क्रेशर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण मजदूर की जान गई। समाज ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।


इसी बीच सामने आए कथित राजीनामा पत्र में यह उल्लेख होने का दावा किया गया है कि मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने तथा आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने की बात लिखी गई है। हालांकि, इस दस्तावेज़ की प्रामाणिकता, वैधानिक स्थिति और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि किसी कार्यस्थल पर सुरक्षा में लापरवाही के कारण मृत्यु हुई है, तो ऐसे मामलों में केवल आपसी समझौता होने से आपराधिक जांच स्वतः समाप्त नहीं हो जाती। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।


घटना के बाद आदिवासी समाज एवं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि:
कथित राजीनामा पत्र की भी जांच की जाए।
यह पता लगाया जाए कि समझौता किन परिस्थितियों में हुआ।
मजदूर की मौत के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की निष्पक्ष जांच की जाए।
दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
(नोट: इस समाचार में राजीनामा पत्र और सुरक्षा में लापरवाही संबंधी उल्लेख उपलब्ध दस्तावेज़ एवं संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। इनकी अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।)