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बैतूल कुकरू की वादियों में दिखा मुख्यमंत्री का अलग अंदाज, ग्रामीणों के बीच बैठकर चखी देसी रबड़ी और सुनीं समस्याएं

बैतूल कुकरू की वादियों में दिखा मुख्यमंत्री का अलग अंदाज, ग्रामीणों के बीच बैठकर चखी देसी रबड़ी और सुनीं समस्याएं

बैतूल(पंचायत दिशा समाचार)मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बैतूल प्रवास के दौरान उनका एक अलग और सहज स्वरूप देखने को मिला। दो दिवसीय दौरे पर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुकरू पहुंचे मुख्यमंत्री ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया, वहीं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर चौपाल लगाई और स्थानीय महिलाओं के कार्यों की सराहना की।

कुकरू हिल स्टेशन की शांत वादियों और हरियाली के बीच मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने औपचारिकता से दूर रहकर ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा की और क्षेत्र के विकास, आजीविका तथा सरकारी योजनाओं के प्रभाव को लेकर जानकारी ली।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने कुकरू क्षेत्र में सक्रिय कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह” की महिलाओं से मुलाकात की। समूह द्वारा डेयरी, पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की। महिलाओं ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से मिली सहायता के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब वे आर्थिक रूप से पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर बनी हैं।

महिलाओं ने मुख्यमंत्री को अपने उत्पादों की जानकारी दी और आधुनिक मशीनों की सहायता से तैयार किए जा रहे दुग्ध उत्पादों के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने समूह की पहल को ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का अच्छा उदाहरण बताया।

देसी रबड़ी और मावा का लिया स्वाद

संवाद के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री को स्थानीय स्तर पर तैयार मावा और देसी रबड़ी का स्वाद भी कराया। मुख्यमंत्री ने उत्पादों की गुणवत्ता और स्वाद की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले ऐसे उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के परिश्रम और उद्यमशीलता की प्रशंसा की।

सिपना सनसेट पॉइंट पर देखा सूर्यास्त

कुकरू प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के प्रसिद्ध सिपना सनसेट पॉइंट का भी भ्रमण किया। यहां से दिखाई देने वाले सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य का उन्होंने अवलोकन किया। पहाड़ियों और जंगलों के बीच डूबते सूरज का दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और अधिकारी भी मौजूद रहे।

ग्रामीण विकास और पर्यटन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर गांव ही प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेंगे। साथ ही उन्होंने कुकरू जैसे पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री के इस दौरे ने एक ओर जहां ग्रामीणों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर दिया, वहीं स्थानीय महिलाओं के कार्यों को भी नई पहचान दिलाने का काम किया। कुकरू की वादियों में मुख्यमंत्री का यह सहज और जनसामान्य से जुड़ा अंदाज चर्चा का विषय बना रहा।