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छिंदवाड़ा का ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस मॉडल’ बना राष्ट्रीय पहचान, देशभर के लिए बनेगा प्रेरणा स्रोत

छिंदवाड़ा का ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस मॉडल’ बना राष्ट्रीय पहचान, देशभर के लिए बनेगा प्रेरणा स्रोत
जल एवं स्वच्छता प्रबंधन में छिंदवाड़ा ने रचा नया इतिहास, भारत सरकार ने सराहा नवाचार

रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत

छिंदवाड़ा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत छिंदवाड़ा जिले ने ऐसा अभिनव मॉडल विकसित किया है, जिसने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। जिले का ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस मॉडल’ अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है और इसे देश के अन्य जिलों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित विशेष समीक्षा बैठक में पूरे मध्यप्रदेश से केवल छिंदवाड़ा जिले के इस नवाचार का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहीं संयुक्त सचिव सुश्री ऐश्वर्या सिंह (आईएएस) ने मॉडल की खुलकर प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण जल एवं स्वच्छता प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


दूरदर्शी नेतृत्व और टीमवर्क की सफलता
कलेक्टर हरेंद्र नारायन एवं जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में तैयार इस मॉडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा दी है। जिले में लगभग 5 लाख कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन, 600 ओवरहेड टैंक तथा 7500 वितरण वाल्व के माध्यम से लाखों ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है।


वॉश ऑन व्हील्स प्लस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरचनाओं के रखरखाव, स्वच्छता प्रबंधन और त्वरित सेवा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनी है।


देश के लिए बनेगी केस स्टडी
भारत सरकार की संयुक्त सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस मॉडल की विस्तृत केस स्टडी तैयार की जाए ताकि देश के अन्य जिले भी इसे अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जल एवं स्वच्छता सेवाएं उपलब्ध करा सकें। इतना ही नहीं, इस नवाचार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 3.0 की गाइडलाइन में शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।


अब और मजबूत होगी ग्रामीण स्वच्छता
भविष्य की योजना के तहत इस मॉडल में गौशाला सफाई और सेप्टिक टैंक डीस्लजिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं को भी जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का स्तर और बेहतर होगा तथा पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।


छिंदवाड़ा बना नवाचार का प्रतीक
एक समय केवल जलापूर्ति की चुनौतियों से जूझने वाला छिंदवाड़ा आज नवाचार, प्रबंधन और जनहितकारी कार्यों की बदौलत राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। ‘वॉश ऑन व्हील्स प्लस मॉडल’ यह साबित करता है कि इच्छाशक्ति, बेहतर योजना और टीमवर्क के बल पर स्थानीय स्तर का नवाचार भी राष्ट्रीय सफलता की कहानी बन सकता है।
आज छिंदवाड़ा सिर्फ एक जिला नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए जल एवं स्वच्छता प्रबंधन का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है।