Home AGRICULTURE सेवानिवृत्त अधिकारी पर निर्भर कृषि विभाग? भाजपा सदस्यता के बाद भी सरकारी...

सेवानिवृत्त अधिकारी पर निर्भर कृषि विभाग? भाजपा सदस्यता के बाद भी सरकारी कार्यक्रम में भूमिका पर उठे सवाल

सेवानिवृत्त अधिकारी पर निर्भर कृषि विभाग? भाजपा सदस्यता के बाद भी सरकारी कार्यक्रम में भूमिका पर उठे सवाल
छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा) कृषि विभाग के कृषि रथ अभियान में सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विनायक नागदवने की सक्रिय भागीदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों और कुछ लोगों के बीच चर्चा है कि सेवानिवृत्ति के बाद तथा राजनीतिक दल की सदस्यता लेने के बावजूद उन्हें विभागीय कार्यक्रमों में प्रमुख भूमिका क्यों दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, विकासखंड परासिया के गांवों में कृषि रथ के साथ अधिकारियों की टीम किसानों को योजनाओं की जानकारी दे रही थी। इसी दौरान सेवानिवृत्त अधिकारी विनायक नागदवने द्वारा किसानों को उर्वरक प्रबंधन और मिट्टी जांच संबंधी सलाह दी गई। इससे यह सवाल खड़ा हुआ कि विभाग के नियमित अधिकारी-कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद एक सेवानिवृत्त व्यक्ति का सहयोग किस आदेश या प्राधिकरण के तहत लिया जा रहा है।


स्थानीय स्तर पर चर्चा यह भी है कि यदि कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक दल से सार्वजनिक रूप से जुड़ चुका है, तो सरकारी प्रचार कार्यक्रम में उसकी भूमिका निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी उपस्थिति औपचारिक नियुक्ति के तहत थी, आमंत्रित विशेषज्ञ के रूप में थी या व्यक्तिगत सहयोग के तौर पर।
इस मामले में प्रशासन और कृषि विभाग से अपेक्षा की जा रही है कि वे स्पष्ट करें कि कृषि रथ जैसे सरकारी अभियान में बाहरी या सेवानिवृत्त व्यक्तियों की भागीदारी के लिए क्या नियम हैं और किन आदेशों के आधार पर उन्हें शामिल किया गया।