कबाड़ से बनाया इलेक्ट्रिक वाहन, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों का नवाचार
छिंदवाड़ा(Panchayat Disha) पुराने और अनुपयोगी वाहनों को जहां आमतौर पर कबाड़ समझकर छोड़ दिया जाता है, वहीं शासकीय ग्रीन आईटीआई छिंदवाड़ा और शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज खिरसाडोह के विद्यार्थियों ने पुरानी पेट्रोल गाड़ी को अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वाहन में बदलकर मिसाल पेश की है। छात्रों ने “वेस्ट टू बेस्ट” की सोच को साकार करते हुए तकनीकी कौशल का अनूठा प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण अधिकारी संदीप कुमार जैन के मार्गदर्शन और सुमित साहू के नेतृत्व में इलेक्ट्रिकल शाखा के 18 अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों ने इस परियोजना को मेजर प्रोजेक्ट के रूप में पूरा किया। विद्यार्थियों ने पुरानी पेट्रोल चलित गाड़ी का तकनीकी विश्लेषण कर उसमें बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर और अन्य आवश्यक उपकरण स्थापित कर उसे पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित किया।
यह प्रोजेक्ट विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता, व्यवहारिक ज्ञान और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण बना है। वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में इलेक्ट्रिक वाहनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह नवाचार कौशल विकास के साथ भविष्य की तकनीकों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने वाला प्रयास माना जा रहा है।
इस परियोजना में जितेंद्र सिंह राठौर, आर.सी. रजक, स्वामी प्रसाद सूर्यवंशी एवं कमल सरेआम ने सहयोग दिया। हरेंद्र नारायन और प्राचार्य शुभम निमजे ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे नवाचार और तकनीकी शिक्षा का प्रेरक उदाहरण बताया।







