प्रशासन को खुली चुनौती: कपुरदा (चौरई) में झोलाछाप का अवैध क्लीनिक, कार्रवाई पर उठे सवाल
पंचायत दिशा समाचार (छिंदवाड़ा)चौरई विकासखंड के ग्राम कपुरदा में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार संबंधित व्यक्ति बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के इलाज कर रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, उक्त व्यक्ति पहले कपुरदा में “आयुष क्लीनिक” के नाम से बोर्ड लगाकर उपचार करता था, लेकिन मामला उजागर होने के बाद बोर्ड हटा लिया गया। इसके बावजूद वह अब कथित रूप से अपने निजी निवास में मरीजों का इलाज कर रहा है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन सहित स्वास्थ्य विभाग को की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित झोलाछाप स्वयं को बीईएमएस डिग्रीधारी बताकर लोगों को भ्रमित करता है और विभिन्न बीमारियों का इलाज करता है।
स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल..?
मामले में जब चौरई के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अशोक सेन से चर्चा की गई तो उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के चलते हर जगह निरीक्षण कर पाना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला स्तर से कार्रवाई हो सकती है।
कानूनी पहलू
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना वैध पंजीकरण और मान्यता के चिकित्सा कार्य करना कानूनन अपराध है।
Indian Medical Council Act 1956 और संबंधित नियमों के तहत बिना पंजीकरण इलाज करना दंडनीय है।
ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा क्लीनिक सील करना, जुर्माना और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अवैध क्लीनिक पर तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
(यह खबर उपलब्ध जानकारी और स्थानीय स्रोतों पर आधारित है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)







