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दर्द के बीच सहारा बने मुख्यमंत्री: करेर में अनाथ हुई बेटी से बोले – “चिंता मत करना, पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार की”

दर्द के बीच सहारा बने मुख्यमंत्री: करेर में अनाथ हुई बेटी से बोले – “चिंता मत करना, पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार की”


बस दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री का संवेदनशील दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर बंधाया ढांढस
रामकुमार राजपूत (विशेष रिपोर्ट):
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में हुई दर्दनाक बस दुर्घटना के बाद ग्राम करेर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला, जब उन्होंने शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।


दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विशेष रूप से उस परिवार से मिले, जहां इस हादसे ने एक मासूम बच्ची को पूरी तरह अकेला कर दिया है। ग्राम करेर की सीतली इवनाती (17 वर्ष) अब अपने परिवार की अंतिम सदस्य बची हैं। हादसे में उनकी मां सिया बाई इवनाती की मृत्यु हो गई, जबकि इससे पहले ही उनके पिता और भाई का निधन हो चुका था।


इस मार्मिक स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भावुक हो उठे। उन्होंने बच्ची से सीधे संवाद करते हुए कहा—
“बेटी, चिंता मत करना… तुम्हारी पढ़ाई और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी अब सरकार उठाएगी।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए कि सीतली की शिक्षा, रहन-सहन और अन्य आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उसे किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


मानवीय पहल बनी चर्चा का केंद्र
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं रहा, बल्कि उनके संवेदनशील व्यवहार ने पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार का साथ मिलना पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत है।



सरकार का बड़ा ऐलान
सीतली इवनाती की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
रहने और देखभाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी
पीड़ित परिवारों को हर संभव आर्थिक सहायता

ग्राम करेर में बस दुर्घटना पीड़ित परिवारों से मुलाकात करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अनाथ हुई सीतली इवनाती को दिलासा देते हुए