चौरई में ‘शिक्षा माफिया’ का राज!
चौरई BRC की मिलीभगत से प्राइवेट स्कूलों की भरमार..
छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा समाचार )जिलें के
चौरई विकासखंड में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। यहां आरोप है कि ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) की मिलीभगत से कई प्राईवेट स्कूल नियमों की अनदेखी कर चल रहे है। प्राइवेट स्कूलों का बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा है। नियमों को ताक पर रखकर ये स्कूल न सिर्फ धड़ल्ले से चल रहे हैं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ भी किया जा रहा है।
गांव-गांव में खुले इन कथित स्कूलों ने अब ‘शिक्षा माफिया’ का रूप ले लिया है। समसवाड़ा, कुड़ा, बींझावाड़ा, हिवरखेड़ी और पांजरा जैसे क्षेत्रों में दर्जनों ऐसे स्कूल देखे जा सकते हैं, जहां प्राईवेट स्कूल संचालक खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे है। और सरकारी मापदंडों का पालन भी नही कर रहे है
नियम सिर्फ कागजों में, जमीनी हकीकत शून्य…
इन स्कूलों में न पर्याप्त कक्षाएं हैं, न प्रशिक्षित शिक्षक, और न ही बच्चों की सुरक्षा का कोई इंतजाम। कई स्कूल तो किराए के मकानों एंव दुकानों में संचालित हो रहे हैं, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बावजूद इसके, प्रशासन की आंखों के सामने सब कुछ चलता रहा।
फीस वसूली का खेल जारी…
बिना मान्यता के ये स्कूल अभिभावकों से मोटी फीस वसूल रहे हैं। ग्रामीण परिवार अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीद में ठगे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें असलियत का अंदाजा तक नहीं।
चौरई बीआरसी की अनदेखी एंव मिलीभगत से फलफूल रहे प्राईवेट स्कूल संचालक…
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन स्कूलों के खिलाफ कई बार शिकायतें हुईं, लेकिन हर बार मामला दबा दिया गया। आरोप है कि BRC की मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे प्राईवेट स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
जिम्मेदार अधिकारी खामोश…?
इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं, जिससे संदेह और गहरा रहा है।
अब उठी सख्त कार्रवाई की मांग..
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और अभिभावकों ने कलेक्टर एंव जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
यहां फल-फूल रहा अवैध स्कूलों का जाल…
समसवाड़ा | कुड़ा | बींझावाड़ा | हिवरखेड़ी | पांजरा
बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़…
बिना मान्यता स्कूल
प्रशिक्षित शिक्षकों का अभाव
असुरक्षित भवन
नियमों की खुली धज्जियां
चौरई क्षेत्र में संचालित एक प्राइवेट स्कूल, जहां बिना सुविधाओं के पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे और प्रशासन बना है मूकदर्शक।






