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गोपालपुर समिति के ई-टोकन पोर्टल पर नहीं दिख रही डीएपी खाद, किसान परेशान..!

गोपालपुर समिति के ई-टोकन पोर्टल पर नहीं दिख रही डीएपी खाद, किसान परेशान

किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेने की मजबूरी, प्रति बोरी 100 रुपये अधिक वसूले जाने का आरोप

समिति प्रबंधक विजय शर्मा बोले—दस्तावेज पूरे होते ही शुरू होगी ई-टोकन से खाद की बुकिंग

छिंदवाड़ा/चौरई। किसानों को रासायनिक खाद आसानी से उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा ई-टोकन प्रणाली लागू की गई है, लेकिन चौरई विकासखंड की सेवा सहकारी समिति गोपालपुर में डीएपी खाद की बुकिंग नहीं हो पाने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि ई-टोकन पोर्टल पर समिति में खाद उपलब्ध नहीं दिखाई देने के कारण उन्हें मजबूरी में निजी दुकानों से खाद खरीदनी पड़ रही है।

निजी दुकानों पर अधिक कीमत वसूले जाने का आरोप

क्षेत्र के किसानों के अनुसार, गोपालपुर सेवा सहकारी समिति के ई-टोकन पोर्टल पर डीएपी खाद नहीं दिखने से उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान निजी दुकानों का रुख कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ निजी दुकानदार डीएपी खाद की प्रति बोरी निर्धारित कीमत से 100 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। यदि यह शिकायत सही पाई जाती है, तो यह किसानों के हितों से जुड़ा गंभीर मामला है। किसानों ने कृषि विभाग से मामले की जांच कर निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

दस्तावेज पूरे नहीं होने से अटकी बुकिंग

इस संबंध में सेवा सहकारी समिति गोपालपुर के प्रबंधक विजय शर्मा से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि समिति के दस्तावेज अभी पूरे नहीं हुए हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही ई-टोकन के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध होने लगेगी।

गोपालपुर समिति के सेल्समैन दीपक चौबे पर पहले भी लग चुके हैं गबन के आरोप!
सेवा सहकारी समिति गोपालपुर में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। समिति में खाद वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले सेल्समैन दीपक चौबे पर पूर्व में भी गबन के आरोप लगने की बात सामने आई है। ऐसे में वर्तमान में ई-टोकन पोर्टल के माध्यम से खाद बुकिंग नहीं हो पाने की समस्या के बीच समिति की कार्यप्रणाली और खाद वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। हालांकि, पूर्व में लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और उन पर हुई कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। संबंधित विभाग को मामले की जांच कर किसानों को खाद बुकिंग एवं वितरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

कृषि विभाग की निगरानी पर सवाल

एक ओर किसान रबी फसलों की तैयारी के लिए खाद की व्यवस्था करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर समिति के पोर्टल पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं दिखने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि समिति की आवश्यक कागजी प्रक्रिया समय पर पूरी क्यों नहीं हुई और किसानों को राहत दिलाने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठा रहा है।

किसानों ने मांग की है कि कृषि विभाग मामले की जांच करे, निजी दुकानों पर खाद की बिक्री दरों की निगरानी करे तथा गोपालपुर समिति में ई-टोकन व्यवस्था जल्द शुरू कराए, ताकि किसानों को निर्धारित दर पर खाद मिल सके और उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

टीप: सेल्समैन दीपक चौबे पर लगाए गए आरोप किसानों द्वारा की गई शिकायतों एवं उनके बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। संबंधित विभाग के अधिकारियों की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

विशेष रिपोर्ट — रामकुमार राजपूत