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अरहर के रकबे में तीन गुना बढ़ोतरी, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन ने पकड़ी रफ्तार

अरहर के रकबे में तीन गुना बढ़ोतरी, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन ने पकड़ी रफ्तार

दलहन निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. महेश कुमार ने किया खेतों का निरीक्षण, किसानों को दी उन्नत तकनीक की जानकारी

छिंदवाड़ा/पांढुर्णा। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में अरहर उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर अब खेतों में दिखाई देने लगा है। खरीफ वर्ष 2026 में जिले में अरहर का रकबा पिछले वर्ष की तुलना में करीब तीन गुना बढ़कर 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है। पिछले वर्ष जिले में लगभग 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में अरहर की बोवनी हुई थी।

18 एवं 19 सितंबर को दलहन विकास निदेशालय भोपाल के निदेशक डॉ. महेश कुमार ने छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के विभिन्न ग्रामों का क्षेत्र भ्रमण कर अरहर मिनीकिट एवं फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया। उन्होंने छिंदवाड़ा विकासखंड के रामगढ़ी, मोहखेड़ के लिंगा, सौंसर के काजलवानी तथा पांढुर्णा के मोरडोंगरी में किसानों के खेतों का जायजा लिया।

मेड़-नाली पद्धति से बेहतर फसल

किसानों के खेतों में मेड़-नाली पद्धति से लगाई गई अरहर की फसल की स्थिति का निरीक्षण करते हुए निदेशक ने किसानों से उत्पादन एवं खेती की तकनीक पर चर्चा की। उन्होंने अरहर की उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी देते हुए बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक उपाय बताए।

उन्होंने किसानों को अरहर का पंजीयन कराने तथा शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही सभी अरहर फसल प्रदर्शनों का कृषि मैपर एप पर शीघ्र पंजीयन कराने के निर्देश दिए।

सिल्लेवानी में क्लस्टर प्रदर्शन का भी निरीक्षण

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र चंदनगांव द्वारा मोहखेड़ विकासखंड के ग्राम सिल्लेवानी में किसानों के खेतों पर लगाए गए क्लस्टर फ्रंट लाइन प्रदर्शन का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल प्रबंधन और उन्नत तकनीक से संबंधित आवश्यक जानकारी दी।

महिला किसानों से भी किया संवाद

क्षेत्र भ्रमण के दौरान डॉ. महेश कुमार ने महिला किसानों से विशेष चर्चा की। उन्होंने कृषि में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, दलहन के पोषण महत्व और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि महिला किसान उत्पादन से लेकर कृषि प्रबंधन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और देश की पोषण सुरक्षा में उनका योगदान अहम है।

12,300 हेक्टेयर में अरहर

उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ ने बताया कि कलेक्टर हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में जिले में अरहर का रकबा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। पिछले वर्ष के 4,000 हेक्टेयर की तुलना में इस वर्ष लगभग तीन गुना बढ़ोतरी के साथ 12,300 हेक्टेयर में अरहर की फसल लगाई गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फसल की स्थिति अच्छी है और अधिक उत्पादन की संभावना है।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में पुरुष और महिला किसान उपस्थित रहे।