प्रदेश में शराब-शराब, गांव-गांव बिक रही अवैध शराब, जहरीली शराब से हो रही मौतों का आंकड़ा रुका नहीं — पूर्णिमा वर्मा
अवैध शराब के खिलाफ एकजुट हों महिलाएं, सरकार से प्रभावी शराबबंदी और सख्त कार्रवाई की मांग
छिंदवाड़ा, प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और जहरीली शराब से होने वाली घटनाओं को लेकर सामाजिक चिंता बढ़ती जा रही है। गुलाबी गैंग कमांडर पूर्णिमा वर्मा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि शहरों से लेकर गांवों और कस्बों तक अवैध शराब की बिक्री जारी है और इस पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि शराब की लत का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इससे प्रभावित होता है। गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों की आय का बड़ा हिस्सा नशे में खर्च होने से आर्थिक स्थिति कमजोर होती है तथा बच्चों की पढ़ाई और भविष्य पर भी असर पड़ता है।

जहरीली शराब बन सकती है जानलेवा
उन्होंने कहा कि मिलावटी अथवा जहरीली शराब का सेवन बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे मामलों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने के साथ कई लोगों के प्रभावित होने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब का मामला केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, परिवारों की आर्थिक स्थिति और बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा है।
महिलाओं से एकजुट होने की अपील
पूर्णिमा वर्मा ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि शराब के दुष्प्रभावों से सबसे अधिक प्रभावित परिवारों की महिलाएं ही होती हैं। ऐसे में महिलाओं को संगठित होकर नशे और अवैध शराब के खिलाफ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर सरकार से प्रभावी शराबबंदी तथा अवैध शराब के उत्पादन, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेंगी।
सरकार से जवाबदेही की मांग
गुलाबी गैंग की ओर से प्रदेश सरकार से मांग की गई कि अवैध शराब के खिलाफ नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जहरीली शराब से जुड़ी घटनाओं की त्वरित जांच हो तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित न रहकर अवैध शराब के उत्पादन से लेकर परिवहन और बिक्री तक पूरे नेटवर्क पर होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई स्थानों पर अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें सामने आती रहती हैं तो इस कारोबार पर स्थायी और प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि “शराब के खिलाफ लड़ाई किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि परिवारों, महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज के सुरक्षित भविष्य की लड़ाई है।” उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए आगे आने की अपील की।








