Home CITY NEWS एसएनसीयू हादसे के बाद सांसद ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण

एसएनसीयू हादसे के बाद सांसद ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण

एसएनसीयू हादसे के बाद सांसद ने किया जिला अस्पताल का निरीक्षण
फायर सेफ्टी ऑडिट, उपकरणों की नियमित मेंटेनेंस और बेड क्षमता बढ़ाने के दिए निर्देश
छिंदवाड़ा। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में हुए हादसे के बाद रविवार को सांसद बंटी विवेक साहू अस्पताल पहुंचे। उन्होंने एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली और अधिकारियों के साथ बैठक कर नवजात बच्चों की सुरक्षा, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति, वार्ड की क्षमता तथा फायर सेफ्टी इंतजामों की समीक्षा की।


सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल में इस तरह की घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरे अस्पताल का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। साथ ही एसएनसीयू सहित सभी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों का नियमित मेंटेनेंस सुनिश्चित करने और मशीनों के लिए प्रभावी एएमसी व्यवस्था लागू करने को कहा।
सांसद निधि से उपलब्ध कराए जाएंगे आवश्यक उपकरण
निरीक्षण के दौरान सांसद ने कहा कि अस्पताल में उपकरणों की कमी को दूर करने के लिए आवश्यकता के अनुसार सांसद निधि से जरूरी मशीनें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और आवश्यक उपकरणों की जानकारी भी ली।


सांसद ने नए भवन में एसएनसीयू की बेड क्षमता वर्तमान मरीजों के भार के अनुरूप बढ़ाने तथा नवजात बच्चों की संख्या के हिसाब से पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवजातों के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्टाफ व उपकरण हर समय उपलब्ध रहें।
आपदा के समय तत्परता दिखाने वाले स्टाफ की सराहना
सांसद बंटी विवेक साहू ने हादसे के दौरान तत्परता दिखाते हुए नवजात बच्चों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नर्सिंग एवं मेडिकल स्टाफ की सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में अस्पताल के कर्मचारियों ने जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम किया।
सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में ऐसी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।