छात्रावास-अधीक्षकों पर मंत्री डॉ. शाह सख्त, रात में रुकना होगा अनिवार्य
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए सुरक्षा, भोजन, पढ़ाई और व्यवस्थाओं को लेकर 19 अहम निर्देश
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने गुरुवार को भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक में छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, भोजन, शिक्षा, अनुशासन और मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
छिंदवाड़ा स्थित जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय से सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित छात्रावास एवं आश्रमों के अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
अब छात्रावास में ही रात बितानी होगी
मंत्री डॉ. शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों को संस्था में रात्रि विश्राम करना अनिवार्य होगा। सुबह और शाम भोजन के समय भी अधीक्षक की मौजूदगी जरूरी रहेगी। अधीक्षकों को प्रतिदिन बच्चों से कम से कम 15 मिनट बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सुबह बच्चों को उठाकर पीटी कराने, भोजन के बाद उनके पढ़ने की व्यवस्था देखने तथा शाम को एक घंटे का खेलकूद कराने के निर्देश दिए गए।
बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी रोक
छात्रावास एवं आश्रम परिसरों में बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन अथवा असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। जिला अधिकारी की अनुमति के बाद ही बाहरी लोगों से मुलाकात की जा सकेगी। किसी रैली, सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम अथवा भाषण में विद्यार्थियों को बिना अनुमति शामिल नहीं किया जाएगा।
संस्थाओं में बिना अनुमति भाषण, प्रार्थना, बैठक अथवा अन्य गैर-शासकीय कार्यक्रम आयोजित करने पर भी रोक रहेगी। छात्रावास/आश्रम के अंदर फोटो लेने पर भी प्रतिबंध के निर्देश दिए गए हैं।
31 अगस्त तक पालक समिति की बैठक
मंत्री ने सभी संस्थाओं में 31 अगस्त 2026 तक पालक समिति की बैठक आयोजित कर उसका प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए हैं। बैठक में पालकों की उपस्थिति आवश्यक बताई गई है।
छात्रावासों में पेयजल, खिड़कियों में मच्छर जाल, शौचालय और बाथरूम की मरम्मत तत्काल कराने को कहा गया है। इसके लिए अधीक्षकों को तत्काल किए जाने वाले और लंबी अवधि में किए जाने वाले कार्यों की अलग-अलग सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
मंत्री ने छात्रावासों में खुले एवं लटके हुए विद्युत तारों को तत्काल ठीक कराने, कर्मचारियों एवं मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने तथा थम्ब इंप्रेशन और सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के निर्देश दिए।
साथ ही बच्चों के मोबाइल नंबर परख एप में डाउनलोड करने, आश्रमों में पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को ही प्रवेश देने तथा बच्चों को भ्रमण कराने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छ छात्रावास को मिलेगा 50 हजार का पुरस्कार
बैठक में छात्रावासों की स्वच्छता को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि जिस छात्रावास या आश्रम का परिसर स्वच्छ पाया जाएगा, उसे 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
इसके अलावा बच्चों के खातों में बिस्तर सामग्री के लिए जमा राशि से बिस्तर सामग्री खरीदने तथा एक पलंग पर दो बच्चों को नहीं सुलाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक बच्चे के लिए अलग पलंग/बिस्तर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए सुरक्षा, भोजन, पढ़ाई और व्यवस्थाओं को लेकर 19 अहम निर्देश
- छात्रावास/आश्रम अधीक्षकों को संस्था में रात्रि विश्राम करना अनिवार्य होगा।
- भोजन के समय सुबह एवं शाम अधीक्षक की अनिवार्य रूप से उपस्थिति रहेगी।
- प्रत्येक अधीक्षक बच्चों से 15 मिनट बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुनेगा एवं उनका समाधान करेगा।
- प्रतिदिन सुबह बच्चों को उठाकर पी.टी. करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।
- भोजन के बाद बच्चे पढ़ने हेतु बैठ रहे हैं या नहीं, इसका अधीक्षक प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे।
- शाम को एक घंटे का खेलकूद कालखंड रखा जाएगा।
- छात्रावास/आश्रमों में सामाजिक संगठन, कोई भी बाहरी व्यक्ति अथवा असामाजिक तत्व का प्रवेश निषेध रहेगा। जिला अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही बाहरी व्यक्तियों से मुलाकात की जा सकेगी। किसी भी रैली, सामाजिक/धार्मिक कार्यक्रम अथवा भाषण में बिना जिला अधिकारी की अनुमति के छात्र-छात्राएं सम्मिलित नहीं होंगे। छात्रावास/आश्रम में बिना अनुमति भाषण, प्रार्थना, बैठक या अन्य गैर-शासकीय कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
- छात्रावास/आश्रमों के अंदर की फोटो लेना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उक्त निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
- सभी संस्थाओं में पालक समिति की बैठक 31 अगस्त 2026 के पूर्व आयोजित कर प्रतिवेदन भेजना होगा। पालकों का संस्था की बैठक में उपस्थित होना आवश्यक रहेगा।
- संस्था में पीने के पानी, खिड़कियों में मच्छर जाल, शौचालय एवं बाथरूम के मरम्मत कार्य तत्काल कराए जाएं। आवंटन की आवश्यकता होने पर जिला कार्यालय में मांग पत्र मय फोटोग्राफ तत्काल प्रस्तुत किया जाए। इस संबंध में अधीक्षक दो प्रकार के कार्यों की सूची बनाएंगे—(1) तत्काल के कार्य एवं (2) लंबी अवधि के कार्य।
- विद्युत तार खुले एवं लटके हुए नहीं होने चाहिए।
- जिस छात्रावास/आश्रम का परिसर स्वच्छ होगा, उसे 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
- बच्चों को भ्रमण कराया जाए एवं उनके फोटोग्राफ भेजे जाएं।
- छात्रावास के बच्चों के खातों में जमा की गई बिस्तर सामग्री की राशि से बिस्तर सामग्री का क्रय कराया जाए।
- छात्रावास/आश्रमों में एक बिस्तर/पलंग पर दो बच्चों को नहीं सुलाया जाए। सभी बच्चों के पलंग/बिस्तर अलग-अलग होने चाहिए।
- संस्था में कार्य कर रहे कर्मचारियों एवं मजदूरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए।
- थम्ब इंप्रेशन/सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।
- बच्चों के मोबाइल नंबर परख एप में डाउनलोड किए जाएं।
- आश्रमों में 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को ही प्रवेश देकर रखा जाए।
मंत्री डॉ. शाह ने सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों एवं अधीक्षकों को दिए।








