शिकायतों पर सोया सिस्टम, एक और जान गई!
कथित झोलाछाप के इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग कटघरे में, आखिर जिम्मेदार कौन?
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा), 18 जुलाई। हर्रई क्षेत्र में एक कथित झोलाछाप चिकित्सक के इलाज के दौरान ग्राम बम्होरी निवासी महिला की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि गलत इलाज और लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्षेत्र में कथित अवैध क्लीनिकों की शिकायतें पहले से होती रही हैं, तो उन पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद ऐसे क्लीनिक खुलेआम संचालित होते रहे और निगरानी व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आई।
सील हुए क्लीनिक फिर कैसे खुले?
जानकारी के अनुसार, पूर्व में कुछ अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई भी हुई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि कार्रवाई की गई थी, तो वे दोबारा कैसे संचालित होने लगे? क्या नियमित निरीक्षण नहीं हुआ या कहीं निगरानी में चूक हुई? इन सवालों के जवाब अब जांच से ही सामने आएंगे।

पूरे जिले में जांच की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि हर्रई ही नहीं, बल्कि जिलेभर में संचालित कथित अवैध क्लीनिकों की व्यापक जांच कराई जाए। यदि कोई व्यक्ति बिना वैध अनुमति चिकित्सा करता पाया जाता है या इलाज में लापरवाही सिद्ध होती है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में यदि अवैध चिकित्सा या चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नोट – इस खबर में “कथित झोलाछाप”, डॉक्टर पर”परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप है इसकी पंचायत दिशा पुष्टि नहीं करता हैं फिलहाल स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस जांच कर रही है








