छात्रावासों में फायर सेफ्टी पर सवाल: एक्सपायरी अग्निशामक यंत्रों के सहारे सुरक्षा, बच्चों की जान से खिलवाड़ के आरोप
छिंदवाड़ा/पांढुर्ना। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित जुन्नारदेव, तामिया, मोहखेड़, सौसर और पांढुर्ना क्षेत्र के कुछ छात्रावासों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई छात्रावासों में अग्निशामक (फायर एक्सटिंग्विशर) यंत्र केवल औपचारिकता के लिए रखे गए हैं, जबकि उनकी वैधता (एक्सपायरी) अवधि समाप्त हो चुकी है।

स्थानीय लोगों एवं संबंधित पक्षों का कहना है कि यदि किसी छात्रावास में आग जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे एक्सपायरी अग्निशामक यंत्र प्रभावी साबित नहीं होंगे, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। आरोप यह भी है कि सुरक्षा मानकों का नियमित परीक्षण और उपकरणों का समय पर नवीनीकरण नहीं कराया जा रहा है।

यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला माना जाएगा। छात्रावासों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं निवास करते हैं, ऐसे में फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है।
प्रशासन से मांग
सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने जनजातीय कार्य विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी छात्रावासों का तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए, एक्सपायरी अग्निशामक यंत्रों को बदला जाए तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
विभाग का पक्ष
इस संबंध में जनजातीय कार्य विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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