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क्षेत्र संयोजक श्री बोरकर ने किया भंडारकुंड और सारंगबिहरी आदिवासी कन्या आश्रमों का निरीक्षण, छात्राओं की सुविधाओं व शैक्षणिक व्यवस्था का लिया जायजा..

क्षेत्र संयोजक श्री बोरकर ने किया भंडारकुंड और सारंगबिहरी आदिवासी कन्या आश्रमों का निरीक्षण, छात्राओं की सुविधाओं व शैक्षणिक व्यवस्था का लिया जायजा

छिन्दवाड़ा/ सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री सतेन्द्र सिंह मरकाम के निर्देशानुसार विभागीय छात्रावासों, आश्रमों एवं शैक्षणिक संस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण एवं शासन द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें।

   इसी क्रम में क्षेत्र संयोजक श्री मनीष बोरकर ने आदिवासी कन्या आश्रम भंडारकुंड एवं आदिवासी कन्या आश्रम सारंगबिहरी का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्राओं के आवास, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा, अध्ययन कक्ष, उपस्थिति पंजी, स्वास्थ्य अभिलेख सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया गया।

  निरीक्षण के दौरान क्षेत्र संयोजक श्री बोरकर ने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, भोजन, स्वास्थ्य एवं दैनिक दिनचर्या की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्रम अधीक्षिकाओं को निर्देश दिए कि छात्राओं की नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और उनका आधारभूत शैक्षणिक ज्ञान मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अध्ययन एवं अभ्यास कराया जाए, जिससे उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।

  उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित मेनू के अनुसार प्रतिदिन गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन तथा नाश्ता समय पर उपलब्ध कराने, आश्रम परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने तथा छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं अनुशासित वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

  क्षेत्र संयोजक श्री बोरकर ने प्रत्येक माह छात्राओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने, स्वास्थ्य अभिलेख अद्यतन रखने तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही छात्राओं में व्यक्तिगत स्वच्छता, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

  उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवासीय सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।