स्कूलों के प्रभार पर छिड़ा नया विवाद: शिक्षकों ने पत्रकारों पर उठाए सवाल, विभागीय अधिकारी के बयान से बढ़ा भ्रम
हर्रई में शिक्षकों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, कहा– खबरें तथ्यहीन; दूसरी ओर सहायक संचालक का दावा– शिक्षक के पास अब भी दो संस्थाओं का प्रभार।
छिंदवाड़ा/हर्रई। हर्रई विकासखंड में एक शिक्षक के पास दो-दो स्कूलों के प्रभार को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद सोमवार को हर्रई ब्लॉक के शिक्षकों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मीडिया की खबरों पर आपत्ति दर्ज कराई। ज्ञापन में कुछ पत्रकारों को “असामाजिक तत्व” बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
डीपी डेहरिया (शिक्षक)
ज्ञापन में शिक्षकों का दावा है कि रवि विश्वकर्मा, माध्यमिक शिक्षक, वर्तमान में केवल एक ही संस्था का प्रभार संभाल रहे हैं तथा उनके संबंध में प्रकाशित खबरें तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। शिक्षकों का कहना है कि अपुष्ट खबरों से कर्मचारियों की छवि और विभाग की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी समाचार के प्रकाशन से पहले विभागीय स्तर पर तथ्य स्पष्ट किए जाएं।

दूसरी ओर पत्रकारों का पक्ष इससे अलग है। संबंधित समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकारों का कहना है कि खबर प्रकाशित करने से पहले उन्होंने जनजाति कार्य विभाग के सहायक संचालक (शिक्षा)से आधिकारिक जानकारी प्राप्त की थी। पत्रकारों के अनुसार सहायक संचालक ने स्पष्ट रूप से बताया था कि रवि विश्वकर्मा के पास वर्तमान में दो स्कूलों का प्रभार है, जिसके आधार पर समाचार प्रकाशित किया गया।
सहायक सचालक(शिक्षा) जनजाति कार्य विभाग छिंदवाड़ा
यही कारण है कि अब इस पूरे मामले में विभागीय जानकारी और शिक्षकों के दावे में विरोधाभास सामने आ गया है। एक ओर शिक्षक एक ही प्रभार होने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी का बयान अलग तस्वीर पेश कर रहा है।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर हैं कि वह उपलब्ध अभिलेखों और आदेशों के आधार पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो और तथ्य सामने आ सकें।
(नोट: यह समाचार उपलब्ध ज्ञापन, संबंधित पक्षों के दावों तथा विभागीय अधिकारी के कथित बयान के आधार पर तैयार किया गया है। वास्तविक स्थिति की पुष्टि सक्षम प्रशासनिक अभिलेखों एवं जांच के बाद ही मानी जाएगी








