आदिवासी बच्चों के भविष्य से खिलवाड़? शराब सेवन की शिकायत पर शिक्षक को नोटिस, निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
छिंदवाड़ा (हर्रई)जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों में व्यवस्थाओं और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। हर्रई क्षेत्र के एकीकृत माध्यमिक शाला मोरखा में पदस्थ शिक्षक के खिलाफ शराब सेवन के बाद स्कूल पहुंचने की शिकायत सामने आई है। शिकायत के बाद जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त ने संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।


मामला सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण और मॉनिटरिंग होती रहे तो ऐसी लापरवाही पर रोक लगाई जा सकती है।
आदिवासी अंचलों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन की उम्मीद लेकर विद्यालय पहुंचते हैं, ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। शिक्षक ही यदि अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह पाए जाते हैं तो बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर इसका असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि विभाग केवल नोटिस तक सीमित न रहे, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करे और स्कूलों में नियमित निरीक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करे।
फिलहाल विभाग ने नोटिस जारी कर शिक्षक से जवाब मांगा है। अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।








