एक शिक्षक को दो-दो प्रभार देने पर घिरी शिक्षा व्यवस्था
हर्रई में प्रशासन सख्त, सहायक आयुक्त ने मांगी दो दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट
बीईओ किशोर पांडे की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, जांच में खुलेगा जिम्मेदारों का राज..!
हर्रई/छिंदवाड़ा। हर्रई विकासखंड की शिक्षा व्यवस्था में चल रही कथित मनमानी अब प्रशासनिक जांच के दायरे में पहुंच गई है। एक माध्यमिक शिक्षक को एक साथ दो-दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के मामले ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला सामने आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से दो दिन के भीतर पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय बारगी में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रवि विश्वकर्मा को एक ओर जहां विद्यालय स्तर का प्रभार सौंपा गया, वहीं दूसरी ओर संकुल प्राचार्य का अतिरिक्त दायित्व भी दे दिया गया। एक ही शिक्षक के पास दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
नियमों की अनदेखी या जिम्मेदारों की लापरवाही?
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब विकासखंड में अन्य योग्य शिक्षक उपलब्ध हैं तो आखिर एक ही व्यक्ति को दो-दो महत्वपूर्ण पदों का प्रभार देने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या इस निर्णय के पहले विभागीय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या फिर जिम्मेदार अधिकारियों की मनमर्जी से यह व्यवस्था बनाई गई?
मामला मीडिया में आने के बाद जनजातीय कार्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए बीईओ से जवाब मांगा है। अब जांच में यह देखा जाएगा कि अतिरिक्त प्रभार देने की प्रक्रिया में सक्षम अधिकारी की अनुमति ली गई थी या नहीं, साथ ही यह भी जांच होगी कि इस व्यवस्था का विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों पर क्या असर पड़ा।
बीईओ की भूमिका भी जांच के घेरे में
पूरे मामले में हर्रई बीईओ किशोर पांडे की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि विभागीय स्तर पर समय रहते व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाती तो इस तरह का मामला सामने आने की नौबत ही नहीं आती।
अब सभी की नजर सहायक आयुक्त को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि दो-दो प्रभार देने का निर्णय नियमों के तहत था या फिर इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई।
गड़बड़ी मिली तो होगी कार्रवाई!
विभागीय सूत्रों की मानें तो जांच में यदि नियम विरुद्ध तरीके से प्रभार दिए जाने या जिम्मेदारी तय करने में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल हर्रई की शिक्षा व्यवस्था में मचे इस विवाद ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में कौन-कौन जिम्मेदार ठहराए जाते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।








