जनजातीय कार्य विभाग में सीएम हेल्पलाइन 181 पर उठे सवाल, पांच माह बाद भी शिकायतों का नहीं हुआ निराकरण
शिकायत कुछ और, जवाब कुछ और देने के आरोप; छात्रावास एवं आश्रम शालाओं से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी..!
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग में दर्ज होने वाली सीएम हेल्पलाइन (181) शिकायतों के निराकरण को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई मामलों में शिकायतों की वास्तविकता के अनुरूप कार्रवाई नहीं की जा रही है, वहीं कुछ शिकायतों में जवाब दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी जाती है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास, आश्रम शालाओं एवं स्कूलों से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन कई मामलों में महीनों बीत जाने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि कुछ शिकायतें करीब पांच माह से अधिक समय से लंबित हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होता है तो शासन की इस महत्वपूर्ण व्यवस्था पर लोगों का भरोसा प्रभावित होता है।
शिकायतों के जवाब और वास्तविक स्थिति पर उठे सवाल!
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कई बार मैदानी स्तर के अधिकारियों द्वारा शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया में केवल जवाब दर्ज कर दिया जाता है, जबकि शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच और समाधान अपेक्षित रहता है। इससे शिकायतकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
छात्रावास और आश्रम शालाओं में अनियमितताओं की शिकायतें
जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित संस्थानों में समय-समय पर मरम्मत कार्य, व्यवस्थाओं एवं अन्य विषयों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन मामलों में भी प्रभावी निगरानी और जांच की आवश्यकता है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सके।
अधिकारियों से जवाब का इंतजार
इस पूरे मामले में जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ सका है। यदि विभाग द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी या कार्रवाई की जाती है तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह खबर शिकायतकर्ताओं के आरोपों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।)








