अनुदान पर सोयाबीन बीज नहीं मिलने से किसान परेशान, कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल!
छिंदवाड़ा। खरीफ सीजन की बोनी अपने चरम पर है, लेकिन जिले के अनेक किसानों को समय पर अनुदान पर सोयाबीन बीज उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मुद्दे को लेकर किसान कांग्रेस ने कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए किसानों के हित में तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसान कई दिनों से कृषि विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अनुदान पर सोयाबीन बीज उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि मक्का के अपेक्षाकृत कम दाम मिलने के कारण इस वर्ष बड़ी संख्या में किसान सोयाबीन की खेती करना चाहते हैं, लेकिन सरकारी व्यवस्था से बीज नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी दुकानों से अधिक कीमत पर बीज खरीदना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ निजी दुकानों पर ऊंचे दामों में सोयाबीन बीज बेचा जा रहा है तथा किसानों के बीच बीज की गुणवत्ता को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। किसान कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित विभाग निजी बाजार में बिक रहे बीजों की गुणवत्ता एवं मूल्य की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करे।
किसान कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर मांग की गई है कि जिले सहित पूरे प्रदेश में किसानों को तत्काल अनुदान पर पर्याप्त मात्रा में सोयाबीन बीज उपलब्ध कराया जाए, ताकि बोनी प्रभावित न हो और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
चौधरी पुष्पेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि समय रहते बीज वितरण की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो खरीफ फसल का रकबा और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी विकासखंडों में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की।
कृषि विभाग का पक्ष:
समाचार लिखे जाने तक कृषि विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार किसान कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों, ज्ञापन और उनके सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। निजी दुकानों पर बीज की गुणवत्ता अथवा विभागीय लापरवाही संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।








