पटवारी ट्रांसफर के लिए नई गाइडलाइन जारी, पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
भोपाल। मध्य प्रदेश राजस्व विभाग ने वर्ष 2026 के लिए पटवारियों के अंतर-जिला संविलियन (जिला परिवर्तन) की नई नीति जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आवेदन प्रक्रिया आसान होगी।
नई नीति के अनुसार 16 फरवरी 2024 से पहले नियुक्त पटवारी सामान्य रूप से अंतर-जिला संविलियन के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं, 16 फरवरी 2024 के बाद नियुक्त पटवारियों को केवल विशेष परिस्थितियों में ही यह सुविधा मिलेगी।
किन मामलों में मिलेगी प्राथमिकता
विशेष परिस्थितियों में आवेदन करने वालों में शामिल हैं:
पति-पत्नी दोनों का शासकीय सेवा में होना।
विवाहित महिला पटवारी।
विधवा, तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिला पटवारी।
कैंसर, किडनी डायलिसिस, ओपन हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित पटवारी।
इसके अलावा समान श्रेणी के दो पटवारियों के बीच आपसी सहमति के आधार पर संविलियन का प्रावधान भी रखा गया है।
इन नियमों का रखना होगा पालन
राजस्व विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस जिले में संविलियन की मांग की जाएगी, वहां संबंधित वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध होना अनिवार्य होगा। साथ ही आरक्षण नियमों और जिला रोस्टर का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
संविलियन आदेश जारी होने के बाद संबंधित पटवारी को 15 दिनों के भीतर नए जिले में कार्यभार ग्रहण करना होगा। जिले के भीतर पदस्थापना का अधिकार कलेक्टर के पास रहेगा, लेकिन किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा।
विभाग का निर्णय होगा अंतिम
विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक बार जिला आवंटित होने के बाद सामान्य परिस्थितियों में पुनः जिला परिवर्तन की पात्रता नहीं होगी। संविलियन का अंतिम निर्णय विभागीय आवश्यकता, उपलब्ध रिक्तियों तथा प्रशासनिक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा और इस संबंध में विभाग का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।
नई नीति से प्रदेश के हजारों पटवारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं डिजिटल प्रक्रिया लागू होने से ट्रांसफर प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुगम बनने की संभावना है।








