Home CITY NEWS चौरई BRC की गैरहाजिरी से चरमराई स्कूलों की मॉनिटरिंग व्यवस्था ..!

चौरई BRC की गैरहाजिरी से चरमराई स्कूलों की मॉनिटरिंग व्यवस्था ..!

चौरई BRC की गैरहाजिरी से चरमराई स्कूलों की मॉनिटरिंग व्यवस्था
जिला मुख्यालय से आना-जाना, ब्लॉक के स्कूलों की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

छिंदवाड़ा/चौरई। विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) की मुख्यालय में नियमित उपस्थिति नहीं होने के आरोपों ने ब्लॉक की शैक्षणिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि चौरई विकासखंड के BRC विजय कुमार पवार जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा से आना-जाना करते हैं और कई बार लगातार दो-दो दिन तक अपने निर्धारित मुख्यालय चौरई में उपस्थित नहीं रहते। ऐसे में ग्रामीण और दूर-दराज के स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी किस स्तर पर हो रही है, यह बड़ा सवाल बन गया है।
औचक निरीक्षण प्रभावित, स्कूलों की मॉनिटरिंग पर सवाल
BRC का दायित्व केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि विकासखंड के स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी में भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मुख्यालय पर नियमित उपलब्धता नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में औचक निरीक्षण और तत्काल निगरानी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
शिक्षक और विद्यार्थियों की शैक्षणिक व्यवस्था कौन देखेगा?
स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, कक्षाओं का संचालन, विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर और शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन लगातार मॉनिटरिंग की मांग करता है। यदि ब्लॉक स्तर का जिम्मेदार अधिकारी ही मुख्यालय पर नियमित उपलब्ध नहीं रहता है, तो स्कूलों में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का तत्काल निराकरण कैसे होगा, इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ब्लॉक स्तर पर समन्वय की व्यवस्था भी प्रभावित..
BRC कार्यालय ब्लॉक और संकुल स्तर की शैक्षणिक गतिविधियों में समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। मुख्यालय पर अधिकारी की नियमित उपलब्धता नहीं होने से शिक्षकों, संकुल स्तर के अधिकारियों और स्कूलों के बीच समन्वय प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर शैक्षणिक योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर पड़ सकता है।
दो-दो दिन मुख्यालय से दूरी, जिम्मेदारों की निगरानी कौन करे?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि BRC जिला मुख्यालय से चौरई आना-जाना करते हैं और कभी-कभी लगातार दो दिन तक अपने मुख्यालय में उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो उनकी उपस्थिति की निगरानी कौन करता है? क्या विभाग द्वारा BRC की दैनिक उपस्थिति और मुख्यालय में मौजूदगी का नियमित सत्यापन किया जाता है? यदि किया जाता है तो उसके रिकॉर्ड में क्या स्थिति सामने आती है?
विभागीय अधिकारियों से जवाब की मांग
अब शिक्षा विभाग से यह स्पष्ट करने की मांग उठ रही है कि चौरई BRC की मुख्यालय में निर्धारित उपस्थिति के क्या नियम हैं और उनका पालन किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही BRC की उपस्थिति रजिस्टर, निरीक्षण डायरी और स्कूल निरीक्षण संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की जरूरत है।
सवाल सीधा है—जब ब्लॉक की शैक्षणिक व्यवस्था की निगरानी करने वाला जिम्मेदार अधिकारी ही मुख्यालय में नियमित उपलब्ध नहीं होगा, तो ग्रामीण स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग कैसे मजबूत होगी? अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इन आरोपों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करता है या मामला कागजों तक ही सीमित रह जाता है।