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बिचबेहरी माध्यमिक शाला में पढ़ाई पर गंभीर सवाल ग्रामीणों और छात्रों का आरोप..

बिचबेहरी माध्यमिक शाला में पढ़ाई पर गंभीर सवाल
ग्रामीणों और छात्रों का आरोप—कक्षा में पढ़ाई की जगह मोबाइल में व्यस्त रहते हैं शिक्षक, 3 बजे ही छुट्टी; शाम तक स्कूल में रुकने को लेकर भी उठे सवाल
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छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर भूरा भगत क्षेत्र के बिचबेहरी गांव स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में शिक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों, ग्राम सभा सदस्यों और स्कूल से जुड़े लोगों ने प्रभारी प्राचार्य एवं अतिथि शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की।


शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल में बच्चों की पढ़ाई पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आरोप है कि शिक्षण कार्य के दौरान प्रभारी प्राचार्य और अतिथि शिक्षक मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त रहते हैं। इतना ही नहीं, निर्धारित समय से पहले ही बच्चों को स्कूल से छुट्टी दे दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
3 बजे बच्चों की छुट्टी, शाम तक स्कूल में रुकने का आरोप
सरपंच पति राम प्रसाद भोपा ने आरोप लगाया कि स्कूल का निर्धारित समय शाम 4:30 बजे तक है, लेकिन बच्चों को करीब 3 बजे ही स्कूल से रवाना कर दिया जाता है। दूसरी ओर प्रभारी प्राचार्य और अतिथि शिक्षक शाम करीब 7 बजे तक स्कूल परिसर में मौजूद रहते हैं। शिकायतकर्ता ने शिक्षकों के इस आचरण पर सवाल उठाते हुए दोनों के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
“हमें स्कूल से बाहर कर दिया जाता है”
मामले को लेकर स्कूली बच्चों ने भी अपनी शिकायत सामने रखी। बच्चों का आरोप है कि उन्हें करीब 3 बजे कक्षा से बाहर कर दिया जाता है, जबकि प्रभारी प्राचार्य और अतिथि शिक्षक शाम तक स्कूल के कमरे में मौजूद रहते हैं। बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि पढ़ाई के समय दोनों शिक्षक कक्षा में बैठकर आपस में बातचीत करते रहते हैं।
ग्राम सभा में भी उठा मामला
शिकायत के अनुसार स्कूल की व्यवस्थाओं और शिक्षकों के आचरण को लेकर पूर्व में भी अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। बताया गया कि 15 अगस्त को हुई ग्राम सभा की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया और दोनों शिक्षकों को स्कूल से हटाने का निर्णय लिए जाने की बात सामने आई है।


अब सवाल—जांच कब और कार्रवाई किस पर?
जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित इस स्कूल को लेकर ग्रामीणों ने जनसुनवाई में शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

बिचबेहरी के शिक्षक को कारण बताओ नोटिस, स्कूल समय से पहले छोड़ने और अतिथि शिक्षकों पर नियंत्रण नहीं रखने के आरोप
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग ने शासकीय माध्यमिक शाला बिचबेहरी के माध्यमिक शिक्षक लोकेंद्र सिंह लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। शिक्षक पर स्कूल समय से पहले छोड़ने तथा अतिथि शिक्षकों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के आरोप लगाए गए हैं।
कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) छिंदवाड़ा से जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 18 अगस्त 2026 को ग्राम बिचबेहरी के ग्रामीण कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक द्वारा संस्था की छुट्टी 3 बजे के बाद किए जाने के बजाय पहले ही स्कूल छोड़ दिया जाता है। वहीं एक महिला शिक्षिका के साथ देर शाम तक संस्था में रहने और अतिथि शिक्षकों पर नियंत्रण नहीं रखने संबंधी आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं।
नोटिस में कहा गया है कि अतिथि शिक्षक कथित रूप से अधिकांश समय मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं और उन पर संबंधित शिक्षक का प्रभावी नियंत्रण नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इसे कर्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता का मामला मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1)(एक), (दो) एवं (तीन) के विपरीत आचरण का उल्लेख किया है।
विभाग ने शिक्षक से पूछा है कि उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। नोटिस में निर्धारित समयावधि में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समय पर जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मामले ने ग्रामीण क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था और स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित शिक्षक अपने बचाव में क्या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करते हैं और विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।


इस संबंध में जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम से ने बताया कि शीघ्र ही जांच करके दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी…
अब देखना यह है कि जनसुनवाई में पहुंची शिकायत के बाद विभाग बिचबेहरी माध्यमिक शाला की वास्तविक स्थिति की जांच करता है या मामला कागजों में ही दबकर रह जाता है।