‘जैसा मिल रहा है, वैसा खा लो’! हॉस्टल के खाने में इल्ली मिलने पर भड़कीं छात्राएं, अधीक्षिका के खिलाफ खोला मोर्चा
इल्ली युक्त सब्जी, कच्चे चावल और अधपकी रोटी परोसने का आरोप; छात्राओं ने लगाए ‘मैडम माया हाय-हाय’ के नारे
विशेष रिपोर्ट |रामकुमार राजपूत छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा /जिले के न्यूटन चिखली स्थित अनुसूचित जाति जूनियर कन्या छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का आक्रोश सामने आया है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में उन्हें लगातार खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा है। छात्राओं के मुताबिक, सब्जी में इल्ली मिलने के साथ ही कच्चे चावल और अधपकी रोटियां भी भोजन में परोसी जा रही हैं।
छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रावास अधीक्षिका माया मांडवार से शिकायत की तो कथित तौर पर उन्हें जवाब मिला— “जैसा मिल रहा है, वैसा खा लो।” छात्राओं के अनुसार, इस कथित जवाब के बाद उनका आक्रोश और बढ़ गया और उन्होंने अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
नारेबाजी के बाद छात्राओं ने जताया विरोध
विरोध के दौरान छात्राओं द्वारा “मैडम माया हाय-हाय” के नारे लगाए जाने की बात सामने आई है। छात्राओं ने कथित तौर पर छात्रावास में जाने से भी इनकार कर दिया। उनका कहना है कि भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
छात्राओं ने मांग की है कि छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही भोजन के लिए खरीदी जा रही सामग्री, उसकी गुणवत्ता, रसोई की व्यवस्था और भोजन की नियमित जांच की भी पड़ताल हो।
मामले में संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर भोजन के नमूने की जांच कराने और छात्राओं की शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण करने की मांग उठ रही है। छात्राओं के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब सवाल यह है कि छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।








