20 साल पुराना पानी का रास्ता बंद, दो एकड़ फसल तबाह! एक किसान के फैसले से 6 किसानों को नुकसान का आरोप..!
छिंदवाड़ा, 15 जुलाई।
छिंदवाड़ा/ चौरई तहसील के ग्राम बीझांवाडा में बारिश के बीच खेतों में पानी निकासी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। तीन किसान ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी किसान द्वारा खेत में ऊंची मेड़ (बांध) बनाकर वर्षों से चले आ रहे प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को बंद कर दिया गया। इसके चलते बारिश का पानी उसके खेत में भर गया और देखते ही देखते करीब दो एकड़ में खड़ी फसल मिट्टी सहित बह गई।
पीड़ित किसान के अनुसार, पड़ोसी किसान छिदामी सराठे ने अपने खेत में ऊंची मेड़ बना दी, जिससे लगभग 20 वर्षों से उपयोग में आ रहा पानी का प्राकृतिक रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। कई बार समझाने और मेड़ हटाने का अनुरोध करने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया गया।

बारिश के दौरान पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि पीड़ित किसान के खेत का बांध टूट गया। शिकायत में दावा किया गया है कि इससे न केवल उसकी दो एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई, बल्कि बहता पानी आगे जाकर करीब 6 किसानों के खेतों में भी पहुंचा, जिससे उनकी फसलों को भी नुकसान हुआ।
तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित किसान ने तहसीलदार को 181 में शिकायत के माध्यम से आवेदन कर मामले की राजस्व अधिकारियों से मौके पर जांच कराने, नुकसान का पंचनामा तैयार कराने, फसल क्षति का मुआवजा दिलाने और प्राकृतिक जल निकासी बाधित करने के मामले में जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में और किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
प्रशासन की नजर अब जांच पर टिकी है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो राजस्व विभाग की कार्रवाई कई सवालों के जवाब तय करेगी।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और आवेदन के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित किसान एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)








