80 करोड़ की सौगात: जनजातीय विभाग के 21 स्कूलों को मिले नए भवन, आदिवासी अंचलों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान
छिंदवाड़ा। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग ने जिले के 21 शासकीय हाईस्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए करीब 80 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वीकृति मिलने के बाद लंबे समय से भवन विहीन या अपर्याप्त सुविधाओं में संचालित विद्यालयों को जल्द ही नए भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
स्वीकृत परियोजनाओं में हर्रई, तामिया, जुन्नारदेव और बिछुआ विकासखंड के विद्यालय शामिल हैं। इनमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाका के लिए 5.99 करोड़ रुपये तथा शेष 20 शासकीय हाईस्कूलों के लिए प्रत्येक 3.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नए भवनों में आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, कार्यालय, छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जाएगा। इससे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।
इन विकासखंडों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ
हर्रई – बाका, मढ़ई, अतरिया, छाताकलां
तामिया – साजकुही, जमुनिया, खिरेटी, सिंधोली, माहुलझिर
जुन्नारदेव – कटकुही, जंबाकिराड़ी, सांगाखेड़ा, टेकाढाना, बगदरी
बिछुआ – भीमालगोंदी, थोटामाल, लोहांगी, बड़ोसा, खमरियामाल, देवरी, घोराड
जनजातीय कार्य विभाग का मानना है कि इन भवनों के निर्माण से आदिवासी अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधायुक्त एवं आधुनिक शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।








